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Number 1

विशेषताएं

मूलांक एक का स्वामी सूर्य है. इनमें सूर्य जैसा तेज और आत्म-विश्वास रहता है. अपने निर्णय पर अडिग रहने वाले मूलांक एक के जातक परिश्रमी,आत्म-निर्भर,महत्वाकांक्षी,उत्साह से भरे और कला-प्रेमी होते हैं. वे दृढ निश्चयी और अपने मार्ग आने वाली बाधा को दूर करने में सक्षम होते हैं. अपने लक्ष्य को हासिल करने के लिए वे अपनी सारी ऊर्जा लगा देते हैं. ये लोग व्यवसाय, नौकरी, कला, धर्म और समाज के क्षेत्र में नेतृत्व करने वाले होते हैं. 

मूलांक एक के जातक अपने को प्रथम स्थान पर देखना पसंद करते हैं और इनका दृढ संकल्प उनको सफलता प्रदान करता है. कभी कभी इनका यही स्वाभाव अन्य आलसी लोगो के लिए इन्हें कठोर बना देता है. 

कलात्मकता और नवीनता में इनका कोई मुकाबला नहीं कर सकता। ये नए उद्यम और नए कार्य का आरम्भ करने में सफल साबित होते हैं. आत्म-निर्भर और अनुशासित होने के कारण वे खुद का अपना का व्यवसाय करना पसंद करते हैं और सफलता प्राप्त करते हैं. 

मूलांक एक के जातक को कुछ न करते रहना चाहिए, आलस्य इनका स्वाभाव नहीं है इसलिए खली बैठने में अप्रसन्न रहते हैं. मूलांक एक के जातक को कुछ न करते रहना चाहिए, आलस्य इनका स्वाभाव नहीं है इसलिए खाली बैठने में अप्रसन्न रहते हैं. नए उद्यम आरम्भ करने में इनसे अच्छा कोई नहीं है और इन्हें इसी तरह आगे बढ़ते रहना चाहिए.

कमियाँ

मूलांक एक के व्यक्ति कभी कभी स्वार्थी,घमंडी और दूसरों से अधिक अपेक्षा रखने वाले होते हैं. जाने अनजाने में ये लोगों को सताने लगते हैं. 

प्रथम स्थान पर बने रहने के लिए ये कभी कभी अपने से नीचे काम करने वालों के लिए गुस्सैल, कठोर और अप्रिय बन जाते हैं. ऐसा माहौल इन्हे अप्रसन्न रखने लगता है और इसी कारण से ये किसी कार्य को प्रारम्भ तो करते हैं, परन्तु उसे मुकाम तक पहुचने से पहले थकने लगते हैं. 

मूलांक एक के लोग जल्दी लोगों पर भरोसा कर लेते हैं और धोखा खा जाते हैं. 

कभी कभी दिखावा, लोभ, जल्दीबाजी और अहंकार इनको सबका अप्रिय बना देता है. 

अहंकार के व जह से ये लोग किसी की दखल पसंद नहीं करते. इनमें नेतृत्व कर गुण तो है परन्तु ये अच्छे टीम-प्लेयर नहीं साबित होते. 

विवेचना

स्वामी ग्रह : सूर्य

विशेष प्रभावी : 21 जुलाई से 28 अगस्त के मध्य

शुभ तारीखें : 1, 10, 19, 28

सहायक तारीखें : 2, 11, 20, 29 एवं 4, 13, 22, 31 तथा 7, 16, 25

सहायक शुभ वर्ष : 2, 11, 20, 29, 38, 47, 56, 65, 74 एवं 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67 तथा 7, 16, 25, 34, 43, 52, 61, 70

सर्वोत्तम वर्ष : 1, 10, 19, 28, 37, 46, 56, 64, 73

उत्तम दिन : रविवार, सोमवार

शुभ रंग : हरा, भूरा, पीला, सुनहरा

शुभ रत्न : माणिक्य

राशि : सिंह

धातु : स्वर्ण, तांबा

दिशा : पूर्व

मित्र अंक : 2, 7, 5

सम अंक : 3, 9, 4

शत्रु अंक : 6, 8

तत्व : अग्नि

रोग : हृदय की कमजोरी, रक्तदोष, रक्तचाप, स्नायु निर्बलता, नेत्र दोष

पाठ : आदित्य हृदय स्तोत्र

उपासना : सूर्य की

व्रत : रविवार

दान पदार्थ : माणिक्य, स्वर्ण, ताम्र, गुड़, घी, लाल वस्त्र, लाल पुष्प, रक्त चंदन एवं गाय

विवाह करना उत्तम : 14 जून से 15 जुलाई, 15 सितम्बर से 15 अक्टूबर, 15 नवम्बर से 18 दिसम्बर, 18 मार्च से 15 अप्रैल के मध्य जन्मे जातक से

व्यवसाय : आभूषण, जौहरी कार्य, स्वर्णकारिता, विद्युत, चिकित्सा, नेतृत्व, स्पोर्टस वस्तु, अग्नि, सेवा कार्य, सैन्य विभाग व प्रशासन

अनुकूल दिशा : उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम, पश्चिम

प्रतिकूल दिशा : दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम

शुभ मास : जनवरी, मार्च, मई, जुलाई, अगस्त, सितम्बर, अक्टूबर व दिसम्बर

प्रसिद्द हस्तियां

चार्ली चैपलिन : 16 अप्रैल 1889

हेनरी फोर्ड : 30 जुलाई 1863

मिखाइल गोर्बाचेव : 2 मार्च 1931

 

Number 2

विशेषताएं

मूलांक दो का स्वामी चन्द्रमा है. आपका चन्द्रमा जैसा शीतल स्वभाव और जैसे चन्द्रमा हृदयता और मन का प्रतीक होता है, वैसे ही आप मन के धनी है और बौद्धिक कार्यों में ज्यादा सफल साबित होते हैं. आप मृदुभाषी, कल्पनाशील, शांत और कोमल स्वाभाव के हैं. आप अन्वेषक हैं परन्तु मूलांक एक के जैसे उसे क्रियान्वित नहीं कर पाते. 

आपका बुद्धि चातुर्य अच्छा रहता है और इसी वजह से आप दूसरों से ज्यादा सम्मान प्राप्त करते हैं और लोकप्रिय बन जाते हैं. आप विचारों और सिद्धांतों के धनी हैं और दूसरों के लिए प्रेरणा-स्रोत हैं. आप कठिन परिस्थितियों में भी अपना कार्य सफलतापूर्वक सम्पन्न कर पाते है और दूसरों से बाजी मार लेते हैं. 

मूलांक दो के जातक वफादार होते हैं, अगर वे कहते हैं आप को प्यार करते हैं तो आप उनपर विश्वास कर सकते हैं. ये भावुक स्वभाव के अच्छे मित्र साबित होते हैं. दूसरों के दुःख-दर्द की इनमे अच्छी समझ होती है. इनमें दूसरों के मन की स्थिति जान लेने की क्षमता होती है. दूसरों के लिए भी ये संवेदनशील होते हैं और अच्छे श्रोता होते हैं. आप लोग मित्र बनाने मे सक्षम हैं, सौंदर्य प्रेमी भी होते है आपमें सौंदर्य-बोध कि अच्छी समझ होती हैं. 
मृदु-भाषी और अच्छी छवि के कारण इनमें राजनयिक या राजनेता बनने के गुण होते हैं और अपने प्रतिद्वंदियों के लिए एक प्रबल दावेदार साबित होते हैं. 

मूलांक दो के जातक निश्छल, निष्कपट, सत्यवादी और वफादार होते हैं. आप लोग अकेले रहना पसंद नहीं करते और आपको कोई न कोई साथ में चाहिए रहता है.

कमियाँ

आप लोग किसी कार्य को लम्बे समय तक कर पाने में सक्षम नहीं होते. जैसे चन्द्रमा की कला बदलती रहती है उसी प्रकार से आपका विचार, मनः-स्तिथि और योजना बदलती रहती है. अस्तिरथा आपकी बड़ी योजनाओं के विफल होने का मुख्य कारण बनती है. 

आप में एकाग्रता की कमी और आत्म-विश्वास की कमी आपको निराशा के गर्त में ढ़केल देता है. अगर मन मुताबिक माहौल न मिले तो आप जल्दी निराश हो जाते हैं और अपना स्वाभाविक कार्य-संपादन करने में भी असफल हो जाते हैं. 

याद रखें, अधिक संवेदनशीलता आपको भावुक और शर्मीला बनता है. इसी स्वाभाव से आप बहुत सी बातें सबको बता नहीं पाते अपने विचार रख नहीं पाते और इससे आपको समझ पाने में काफी समय लगता है. आपके विचार और योगदान इसी वजह से सामने नहीं आ पाते.

दूसरों के दुःख दर्द से परेशान होना आपके स्वभाव की कमजोरी है. ऐसे में धोखा खाना भी संभव है. 
मूलांक दो द्वैतवाद का प्रतीक है. आप जो हैं उसी में दिखें या बने रहे, आप जो नहीं हैं आप उसे दिखाने का कोई प्रयास न करें. आप खुद को जानते हैं. दोहरा व्यक्तित्व आपका जीवन कठिन बना सकता है, इससे बचें. 

आप जल्दी अनिर्णय की स्तिथि में पहुंच जाते है और आत्म-विश्वास की कमी उसमें आग में घी का कार्य करता है. अपने विचारों का सम्मान करें और अपनी ऊपर विश्वास रखें. 

विवेचना

स्वामी ग्रह : चंद्रमा

विशेष प्रभावी : 20 जुलाई से 21 अगस्त के मध्य जन्म लेने वाले जातक

अत्यंत शुभ तिथियां : 2, 11, 20, 29मध्यम

फलदायी तिथियां : 4, 13, 22 31 एवं 3, 16, 25

सर्वोत्तम वर्ष : 2, 11, 20, 29, 38, 47, 56, 65

मध्यम वर्ष : 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67 एवं 7, 16, 25, 34, 43, 52, 61, 70

शुभ दिन : सोमवार, शुक्रवार, रविवार

सर्वोत्तम दिन : सोमवार

शुभ रंग : सफेद, कर्पूरी, धूप-छांव, अंगूरी तथा हल्का हरा रंग

अशुभ रंग : लाल, काला, नीला

शुभ रत्न : मोती, चंद्रकांता मणि, स्फटिक, दूधिया

प्रभावित अंग : फेफड़े, छाती, हृदय, वक्षस्थल, जिह्वा, तालु, रक्त संचार

रोग : हृदय और फेफड़े संबंधी, अपच, डिप्थीरिया, दार्इं आंख, निद्रा, अतिसार, जीभ पर छाले, रक्ताल्पता, गुर्दे संबंधी रोग, जलोदर, आंत रोग, कुंठा, उद्वेगविवाह

शुभता : 15 मई से 14 जून, 15 अक्टूबर से 14 नवम्बर, 15 फरवरी से 14 मार्च के मध्य उत्पन्न जातक से

शुभ मास : फरवरी, अप्रैल, जून, सितम्बर, नवम्बर

व्यवसाय : द्रव्य पदार्थ, तैतीय कार्य, पर्यटन, एजेंट, फल-फूल, दूध-दही, संपादन, लेखन, अभिनय, नृत्य, ठेकेदारी, चिकित्सा, रत्नों का व्यवसाय, दंत चिकित्सा, पशुपालनशुभ

दिशा : उत्तर, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम

अशुभ दिशा : दक्षिण-पूर्व,

पश्चिमदान पदार्थ : मोती, स्वर्ण, चांदी, कपूर, श्वेत वस्तु, पुस्तक, धार्मिक ग्रंथ, मिश्री, दूध, दही, श्वेत पुष्प, शंख, कागज व चीनी

देव : शिवजी

प्रसिद्द हस्तियां

आफताब शिवदासानी : 25 जून 1978

मैडोना : 16 अगस्त 1958

जेनिफर एनिस्टन : फ़रवरी 11, 1969

सारा अगस्त : 14 1960

टोनी ब्लेयर : 6 मई 1953

बराक ओबामा : 4 अगस्त 1961

Number 3

विशेषताएं

आप महत्वाकांक्षी, नेतृत्व का गुण रखने वाले, कलात्मक, अनुशासन-प्रेमी और स्पष्टवादी स्वभाव के हैं. आप की कलात्मकता और अभिव्यक्ति कुशलता आप को कवि, रेडियो संचालक, लेखक और संगीतकार बनाता है. बहुत से कवि, गायक, रेडियो संचालक मूलांक तीन के पाये गए हैं. 

आप अपने आस पास एक सकारात्मक ऊर्जा रखते है जो सबको पसंद आता है और आप जल्दी लोगों का दिल जीत लेते है और लोग आपके मुरीद हो जाते हैं. लोग आप के साथ सहज महसूस करते हैं. आप लोग आज पर कल से ज्यादा यकीन रखते हैं, इसी वजह से आप अपने जीवन का भरपूर आनंद लेते है. आपकी सोच इतनी सकारात्मक है कि आप सोचते हैं कि अपने आप समस्याएं सुलझ जाएंगी. इस सोच के अपने फायदे और नुकसान हैं. 

आपके विचारों में धार्मिकता और विचारों का स्पष्ट अनुमोदन करने की क्षमता होती है. मानसिक रूप से समृद्ध होने के कारण आप गूढ़ विषयों में भी अच्छी समझ रखते हैं. आपका आकर्षक स्वभाव लोगों में लोकप्रिय बना देता है.

कमियाँ

अनुशासन के प्रति आपकी कठोरता आप के नीचे काम करने वालों के लिए समस्या बना देती है. आप खुद भी अनुशासित हैं और वही सबसे अपेक्षा रखते हैं. 

किसी भी नए कार्य को प्रारम्भ कर के उसे बीच में छोंड देना आपकी एक और समस्या है. आप हमेशा सफल होना चाहते हैं और यही पलायनवाद को जन्म देता है और आप सफलता हाथ न आने पर आप घोर निराशा प्राप्त करते हैं. 

अगर आप किसी से भावनात्मक तौर से आहात होते हैं, तब आप कठिन से कठिन बातों से उसपर हमला करते हैं और सत्य को तोड़ मरोड़कर प्रस्तुत करने की कोशिश करते हैं. 

आप किसी का एहसान नहीं लेना चाहते. आप किसी की रोक-टोक पसंद नहीं करते और और स्वाभिमान आहात होने पर क्रोधित हो जाते हैं.

विवेचना

स्वामी- देवगुरु वृहस्पति

विशेष प्रभावी- 19 फरवरी से 21 मार्च के मध्य उत्पन्न जातक

शुभ तिथियां- 3, 12, 21, 30

सहायक तिथियां- 6, 15, 24 एवं 9, 18, 27

शुभ वर्ष- 3, 12, 21, 30, 39, 48, 57, 66, 75

सहायक वर्ष- 6, 15, 24, 33, 42, 51, 60, 69 एवं 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72

शुभ दिन- गुरुवार, शुक्रवार, मंगलवार

श्रेष्ठ दिन- गुरुवार

शुभ रंग- पीला, चमकीला, गुलाबी, हल्का जामुनी

उन्नत समय- मार्च, जून, सितम्बर, 19 फरवरी से 20 मार्च व 20 नवम्बर से 21 दिसम्बर

निर्बल समय- 7, 16, 23 तिथियां व जनवरी, जुलाई माह

शुभ रत्न- पीला पुखराज

प्रभावित अंग- जंघा और उसके आसपास के अवयव

रोग- चर्मरोग, रक्त दोष, वायु प्रकोप, मधुमेह, ज्वर, खांसी

देव- विष्णु

व्रत-पूर्णिमा

दान- पुखराज, पीला कपड़ा, पुस्तक, चने की दाल, नींबू, नारंगी, कांस्य पात्र, शंख, चीनी, घी, हल्दी

विवाह संबंध- 15 दिसम्बर से 14 जनवरी, 15 मार्च से 14 अप्रैल, 15 नवम्बर से 14 दिसम्बर व 15 अप्रैल से 14 मई के मध्य उत्पन्न जातक से

व्यवसाय- वस्त्र, भोजनालय, धर्मोपदेश, लेखन, संपादन, कानूनी सलाहकार, व्याख्याता, वकील, क्लर्क, चिकित्सा कार्य, दलाली, आढ़त, विज्ञापन, अभिनय, जल जहाज कार्य, पुलिस विभाग, दार्शनिक, प्रबंधन व जलीय व्यापार

शुभ दिशा- दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व, उत्तर- पश्चिम

अशुभ दिशा- ईशान कोण

धातु- सुवर्ण

प्रसिद्द हस्तियां

रेखा : 10 अक्टूबर 1954

अनुपम खेर : 7 मार्च 1955

करिश्मा कपूर : 21 सितम्बर 1980

अल्फ्रेड हिचकॉक : 13 अगस्त 1899

चार्ल्स डिकेंस 7 फ़रवरी 1812

फिदेल कास्त्रो : 13 अगस्त 1926

Number 4

विशेषताएं

मूलांक चार का स्वामी हर्षल ग्रह है. आप लोग निरंतर क्रियाशील रहते हैं. आप लोग सामाजिक और व्यावहारिक सोच रखने वाले लोगों में से हैं. आप मेहनती हैं और मेहनत से अपने जीवन में आगे बढ़ना चाहते हैं. ये लोग कभी बहुत संपन्न तो कभी बहुत विपन्न भी देखे गए हैं. धन का गमनागमन, उन्नति-पतन, यश-अपयश, जय-पराजय, हानि-लाभ, सौभाग्य-दुर्भाग्य इत्यादि इनके जीवन में आता-जाता रहता है. ये नवीनता के उपासक और प्राचीन रूढ़िवादिता का विरोध करते हैं. ये पूर्णरूप से सामाजिक होते हैं और उसका निर्वहन करते हैं. 

आप लोग संगठित रहते हैं और दूसरों से भी यही उम्मीद रखते हैं. घर पर साज सज्जा के साथ रहना इन्हे पसंद है और अगर इन्हे असंगठित देखें तो जान लीजिये की कुछ ठीक नहीं है. 

आप लोग त्यौहार, पर्व, पार्टी मानाने के शौक़ीन होते हैं और इसी से अपना दिमाग शांत रखते हैं. इनका सही और गलत का परख अच्छा रहता है और ये खुद ईमानदार होते हैं और दूसरों की ईमानदारी का सम्मान करते हैं. आप लोगों के सपने सत्यता के करीब होते हैं और उन्हें म्हणत से पूरा करने में आप कभी पीछे नहीं हटते. 

आप निर्माण कार्य जैसी चीज़ों में ज्यादा निपुण होते हैं, इसके अलावा आप अच्छे इंजीनियर, वकील, मैकेनिक या अकाउंटेंट भी हो सकते हैं. आप कभी भी अपने आस पास लोगों को शिक्षित करने में कभी नहीं चूकते. 

आप लोग वफादार, भरोसेमंद और अपनी बात के पक्के होते हैं और एक अच्छा मित्र या साथी साबित होते हैं. कुल मिला जुला कर आप एक सामाजिक, व्यवहारिक और भरोसेमंद इंसान हैं.

कमियाँ

अपने तरीके से काम करने के वजह से आप लोग कभी कभी जिद्दी या गुस्सैल हो जाते हैं और अपनी जिद्द में दूसरों की बातों को नज़रअंदाज़ कर जाते हैं. 

आप लोगों के मुह पर बिना लिहाज़ किये ऐसे बातें बोल देते हैं जिससे आप के बहुत से शत्रु बन जाते हैं. ऐसी परिस्तिथियों से बचे और अपने ज़बान और लिहाज़ का ख्याल रखें. 

व्यवहारिक होने के बावजूद आप अपनी योजनाओं को मूर्त रूप देने में इतना विलम्ब करते हैं जिससे सही मौका हाथ से निकल जाता है. 

आप कभी कभी ऐसा महसूस करने लगते हैं की सब ठीक चल रहा है और कुछ भी करने की ज़रुरत नहीं है, आप का यही स्वभाव अच्छे मौकों को छोड़ देता है और बाद में बहुत देर हो चुकी रहती है. आप अपनी निरंतरता बनाये रखे और यही आप का स्वाभाव भी है. 

अगर आप उम्मीद से कम आराम या मज़ा करते हैं तो आप निराशा के गर्त में जाने लगते हैं. हालाँकि, आराम आपका स्वाभाव नहीं हैं.

विवेचना

स्वामी ग्रह : हर्षल

शुभ समय : 21 जून से 30 अगस्त

निर्बल समय : अक्टूबर, नवम्बर, दिसम्बर

शुभ तिथियां : 4, 13, 22, 31

सहायक तिथियां : 2, 11, 20, 29

शुभ वर्ष : 4, 13, 22, 31, 40, 45, 58, 67

सहायक वर्ष : 2, 11, 20, 29, 38, 47, 56, 65, 74

शुभ दिन : रविवार, सोमवार, शनिवार

सर्वोत्तम दिन : शनिवार

शुभ रंग : धूप-छांव, नीला, भूरा, चटक रंग

रत्न : नीलम

रोग : रक्तदोष, संक्रामक रोग, पशु से आघात

प्रभावित अंग- पिंडलियां व श्वास क्रिया

देव : गणपति

व्रत : गणेश चतुर्थी

दान : लाल पदार्थ व खाद्यान्

नविवाह संबंध : 15 जुलाई से 15 अगस्त, 15 मई से 14 जून तथा 15 अक्टूबर से 18 नवम्बर के मध्य जन्मे जातक से

व्यवसाय : स्प्रिट, तेल, कैरोसिन, पारा, इत्र, रेल विभाग, वायु सेना, टेक्नीशियन, इंजीनियरिंग, रंगसाजी, छापे का कार्य, टेलीफोन आपरेटर, पत्रकारिता, शिल्प कार्य, विद्युत कार्य, भाषण, उपदेशक, राज्यकर्मचारी, ठेकेदारीशुभ

दिशा : दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम

अशुभ दिशा : उत्तर-पश्चिम, उत्तर-पूर्व

धातु : लौह

प्रसिद्द हस्तियां

फरहान अख्तर : 9 जनवरी 1974

फ्रेंक सिनात्रा 12 दिसंबर 1915

एडम सैंडलर 9 सितम्बर 1966

ब्रैड पिट दिसंबर 18, 1963

बिल गेट्स 28 अक्टूबर 1955

Number 5

विशेषताएं

मूलांक पांच का स्वामी बुद्ध है. ये तार्किक, विचारशील और बौद्दिक क्षमता से परिपूर्ण होते हैं. नित्य नयी सूझ बूझ के साथ स्वयं को प्रदर्शित करने में इनका कोई शानी नहीं है. ये साहसिक, आत्म-विश्वास से भरे अपने मानसिक क्षमता से जाने जाते हैं. 

आप साहसिक, बेचैन और निरंतर कुछ न कुछ करते रहने वाले हैं. बदलाव और नवीनता आपको सबसे ज़्यादा पसंद है. आप साहसिक कार्यों में सबसे ज़्यादा आनंद लेते हैं और आप की साहस आप को एक नए मुकाम पर ले जाती है. शायद यही स्वभाव आपको अच्छा व्यवसायी बनता है. व्यवसाय में बुद्धिमत्ता, साहस और अनुशासन तीनों की आवश्यकता होती है और यही तो आपका स्वभाव है. 

नए बदलाव, नयी संभावनाएं आपसे बेहतर कोई नहीं समझ सकता. नए विचारों पर प्रयास करना, नए लोगों से मिलना-जुलना, नए दोस्त बनाना आपका स्वाभाव है. आपको पुरातनपंथी कहना पूरी तरह से ग़लत होगा. 

आप लोगों को प्रोत्साहित करते हैं और अपनी बात मना पाते हैं और इसलिए आप एक अच्छे दुकानदार या व्यवसाई हो सकते हैं. आपका जॉब अगर यात्रा करने से सम्बंधित है तो इससे अच्छा कुछ नहीं हो सकता क्योंकि, एक जगह ठहर कर रहना आपका स्वभाव नहीं है.

कमियाँ

साहस और जिज्ञासा आपको नित्य नयी चीज़ों की तरफ ले जाता है और यही आपके रिश्तों में कड़वाहट लाता है. आप भावुक स्वाभाव के होने के बावजूद कभी कभी अच्छे पति या प्रेमी नहीं साबित होते. आप रिश्तों में थोड़ा स्थाइत्व लाएं. 

साहस और नित्य नये विचारों को क्रियान्वित करने में आपका जीवन दिशाहीन हो सकता है. इन पर एक हद तक नियंत्रण लगा कर आगे बढे. याद रखें, एक मुकाम पर चीज़ों को एक दिशा में ही ले जाना पड़ता है. 

आपका साहस कभी कभी आपको जुआ,सट्टा या लाटरी की तरफ ले जाता है और आप कभी-कभी अपना सब कुछ दांव पर लगा देते है. ध्यान रहे, बहुत कुछ कुछ पाने की चाहत में आप सब कुछ न खो दें. 

अगर आपकी घूमने की इच्छा नहीं पूरी होती है तो आप निराशा के गर्त में चले जाते हैं.

विवेचना

स्वामी ग्रह : बुध

श्रेष्ठ प्रभाव : 21 मई से 22 जून तथा 21 अगस्त से 20 सितम्बर के मध्य उत्पन्न जातक

श्रेष्ठ तारीखें : 5, 14, 23

उन्नत समय : 21 मई से 21 जून, 21 अगस्त से 20 सितम्बर

निर्बल समय : मई, सितम्बर, दिसम्बर

शुभ दिन : बुध, सोम, गुरु, शुक्

रसर्वोत्तम दिन : बुधवार शुभ रंग- हल्का खाकी, सफेद, चमकीला, उज्ज्वल, हरा

शुभ रत्न- पन्ना

रोग- फ्लू, लू लगना, जुकाम, स्नायु निर्बलता, मस्तिष्क रोग, ब्लडप्रेशर, चर्मरोग

श्रेष्ठ वर्ष- 5, 14, 23, 32, 41, 50, 59, 68

देव- भगवान लक्ष्मीनारायण

व्रत- पूर्णिमा, रविवार

दान पदार्थ- पन्ना, स्वर्ण, मूंगा, कांस्य पात्र, हरा वस्त्र, घृत, शक्कर, कर्पूर, हाथी दांत, पंचरत्न

विवाह श्रेष्ठता- 15 अगस्त से 14 सितम्बर, 15 मार्च से 15 अप्रैल व 15 जनवरी से 14 फरवरी के मध्य जन्मे जातकों से

मित्र अंक- 1, 3, 4, 5, 7, 8

शत्रु अंक- 2, 6, 9

व्यवसाय- तार, टेलीफोन विभाग, ज्योतिष, सेल्समैन, बीमा, बैंकिंग, बजट, निर्माण, रेलवे, इंजीनियरिंग, संपादन, तम्बाकू, लेखन, पत्रकारिता, राजनीति, पुस्तक, ट्रांसपोर्ट, पर्यटन आदि

अनुकूल दिशा- उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम

अशुभ दिशा- दक्षिण-पश्चिम

धातु- सुवर्ण, प्लेटिनम

प्रसिद्द हस्तियां

लुई आर्मस्ट्रांग 4 अगस्त 1901

मैल्कम एक्स 19 मई 1925

आइजैक न्यूटन 25 दिसंबर 1642

आंद्रे अगासी 29 अप्रैल 1970

Number 6

विशेषताएं

मूलांक छह का स्वामी शुक्र है. ये स्वाभिमानी, सौंदर्य प्रेमी, गंभीर, उदार और विश्वासपात्र होते हैं. इनका दांपत्य-जीवन मधुर रहता है. आप लोग परिवार, गृहस्त और समुदाय से जुड़े रहते हैं और प्रेम और करुणा से ओत-प्रोत सबको प्रसन्न रखते हैं. आप सबका ख्याल रखने, सेवा करने में आनंद प्राप्त करते हैं. आपका जीवन आपके परिवार, दोस्तों और रिश्तेदारों के इर्द-गिर्द ही रहता है. 

आपका मानवता पर यकीन रहता है और आप अपने साथ के लोगों की भलाई में अपना जीवन लगा देते हैं. जिम्मेदारी और जागरूकता आपका विशेष गुण है. 

आप दूसरों की सेवा और ख्याल रखने में कभी कभी अपने बारे में ध्यान देना बंद करते हैं. दूसरों को सहारा देने में आप खुद को भूलने लगते हैं. 

आप सांसारिक हैं फिर भी आप नीतिवान हैं. आपका सुन्दर व्यक्तित्व सबको पसंद आता है और सबका ध्यान रखते हैं. 

कमियाँ

आपका सेवा-भाव आप के व्यक्तित्व की सबसे बड़ी खूबी है, परन्तु, लोग इसका नाजायज़ फायदा उठाने लगते हैं और आप को दास के सामान इस्तेमाल करने लगते हैं. आप सेवा-भाव और मानवता के कारण बिना खुद पर ध्यान दिए आप दूसरों के लिए सदैव खड़े रहते हैं. इस बात का ध्यान रखें की इसका कोई दुरुपयोग न करे. 

आपका बॉस आपको ज़रुरत से ज़्यादा काम ले कर आप को बिना किसी पारिश्रमिक या पुरस्कार के इस्तेमाल कर सकता है. 

आप खुद का ख्याल रखें और खुद को सम्मान दें, सराहें और अपना आत्म-सम्मान बना के रखें.

विवेचना

स्वामी ग्रह- शुक्र

शुभ तिथियां- 6, 15, 24

महत्वपूर्ण समय- 20 अप्रैल से 24 मई, 21 सितम्बर से 24 अक्टूबर

सहायक तिथियां- 3, 12, 21, 30 व 9, 18, 27

महत्वपूर्ण वर्ष- 6, 15, 24, 33, 42, 51, 60, 69

सहायक वर्ष- 3, 12, 21, 30, 39, 48, 57, 66, 75 तथा 9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72वां वर्ष

निर्बल समय- अप्रैल, अक्टूबर, नवम्बर

शुभ दिन- शुक्रवार, मंगलवार, गुरुवार

सर्वाधिक शुभ - शुक्रवार

शुभ रंग- हल्का नीला, आसमानी, गहरा नीला, गुलाबी, चाकलेटी

अशुभ रंग- काला, लाल

शुभ रत्न- हीरा

शुभ धातु- सुवर्ण

रोग- फेफड़े संबंधी, धातु क्षीणता, मूत्र रोग, स्नायु निर्बलता, कफ, जुकाम, कब्जियत

देव- कार्तवीर्यार्जुनस्त्री

देव- संतोषी माता

दान पदार्थ- हीरा, स्वर्ण, चांदी, चावल, मिश्री, श्वेत वस्त्र, चंदन, सुगन्धित द्रव्

यविवाह संबंध- 15 फरवरी से 15 मार्च, 15 मई से 14 जून, 15 अक्टूबर से 18 नवम्बर व 15 अप्रैल से 14 मई के मध्य जन्मे जातको से

मित्र अंक- 2, 4, 9

शत्रु अंक- 1, 3, 5, 7, 8

व्यवसाय- होटल, रेस्टोरेंट, ढाबा, महाजनी कार्य, संगीत, वाद्य, लेखन, नाट्य, वस्त्र व्यवसाय, बागवानी, अभिनय, श्रृंगार प्रसाधन, रेशम, मिष्ठान, साहित्य, सार्वजनिक कार्य, समाज सेवा, यातायात इत्यादिश्रेष्ठ

दिशा- पश्चिम, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम

प्रतिकूल दिशा- दक्षिण पश्चिम

प्रसिद्द हस्तियां

अल्बर्ट आइंस्टीन ने 14 मार्च 1879

ब्रिटनी स्पीयर्स 2 दिसंबर 1981

जॉन मेकनरो 16 फ़रवरी 1959

गोल्डी हॉन 21 नवंबर 1945

Number 7

विशेषताएं

मूलांक सात का स्वामी नेप्चून है. आप में अनेक खूबियां हैं और आप सैकड़ों में पहचाने जा सकते हैं. आप साहित्य, संगीत, ललित कला या चित्र कला में ये ख्याति अर्जित करते हैं. आप धन की अपेक्षा मान-सम्मान पर यकीन करते हैं.
आप अकेला रहना पसंद करते हैं और अपने विचार किसी से साझा नहीं करते. अपने गहरे व्यक्तित्व के कारण इनकी सोच रहस्य से काम नहीं रहती. आप शायद ही किसी पर भरोसा करते हैं. 

आप धर्म-भीरु होते हैं और अध्यात्म में रूचि रखते हैं. आप दूरदर्शी हैं और आप गूढ़ विषयों के ज्ञाता होते हैं. आपका अंतर्मुखी व्यक्तित्व आपको सबसे अलग थलग रखता है. आप अंदर से तो बहुत मजबूत होते हैं, परन्तु बाहर से आपके मित्रो, परिवारजनों को कुछ भी पता नहीं रहता और आप एक पहेली से काम नहीं लगते. 

आप कल्पनाशील, विज्ञान-प्रेमी, दार्शनिक और उन्नत विचार के स्वामी होते हैं. आप नित्य नवीनता पसंद करते हैं और आपकी योजनाएं शायद ही विफल होती हैं. 

कमियाँ

आपके विचार किसी भी विषय पर विस्तृत ज्ञान रखते हैं, परन्तु आप उसी विषय से जुडी सूक्ष्म बातें नज़रअंदाज़ कर जाते हैं. 

आपका अंतर्मुखी व्यक्तित्व आपकी बड़ी कमज़ोरी है, आपके सोच और आपके विचार किसी को पता नहीं रहते और लोग आपके बारे में गलतफहमी के शिकार हो जाते हैं. 

आप ज़्यादातर अकेला रहना पसंद करते हैं और किसी की दखल आपको पसंद नहीं रहती रिश्तों में भी एक अधूरापन बरक़रार रहता है. आप किसी पर भरोसा नहीं करते और करीबी रिश्तों में ऐसा स्वभाव खोखलापन लाता है. करीबी रिश्तों में लोगों पर भरोसा रखें और थोड़ा घुलें-मिलें.

विवेचना

स्वामी ग्रह- नेपच्यून

शुभ तारीखें- 7, 16, 25

सहायक तारीखें- 2, 11, 20, 29 एवं 1, 10, 19, 28 तथा 4, 13, 21, 31

शुभ समय- 21 जून से 25 जुलाई

शुभ वर्ष- 7, 16, 25, 34, 43, 52, 61, 70वां वर्ष

सहायक वर्ष- 2, 11, 20, 29, 38, 47, 56, 65, 74 तथा 1, 10, 19, 37, 46, 55, 64, 73 एवं 4, 13, 22, 31, 40, 49, 58, 67

निर्बल समय- जनवरी, फरवरी, जुलाई, अगस्त

शुभ दिन- रविवार, सोमवार, बुधवार

सर्वोत्तम दिन- सोमवार

शुभ रंग- हरा, हल्का पीला, सफेद, चमकीला

शुभ रत्न- हीरा, लहसिनया

शुभ धातु- स्वर्ण

रोग- संक्रमण रोग, पसीने की अधिकता, आमाशय दोष, कब्ज, भूख न लगना, अनिद्रा, घबराहट, वातरोग, मंदाग्नि, कफ, रक्त विकारइष्ट

देव- नृसिंह भगवान

व्रत- सोमवार

दान पदार्थ- सोना, लोहा, पंचधातु, जूता, सप्तधान्य, तेल

व्यवसाय- तैराकी, अभिनय, फिल्म, वायुसेना, पर्यटन, ड्राइवरी, जलयान का कार्य, मेडिसिन, चिकित्सा, कृषि, सर्जरी, प्लास्टिक, ललितकला, तरल पदार्थ, कूटनीतिक कार्य, खनिज एवं अनुवादक का कार्य इत्यादि

अनुकूल दिशा- दक्षिण-पूर्व, उत्तर-पूर्व

प्रतिकूल दिशा- उत्तर-पश्चिम

प्रसिद्द हस्तियां

मुहम्मद अली 17 जनवरी 1942

सर विंस्टन चर्चिल 30 नवंबर 1874

डायना, वेल्स की राजकुमारी 1 जुलाई, 1961

मर्लिन मुनरो 1 जून, 1926

Number 8

विशेषताएं

मूलांक आठ का स्वामी शनि है. आपका अद्भुत और अनोखा व्यक्तित्व है. जीवन में चाहे जो कुछ करें, चाहे जितना लोगों का भला करें लेकिन लोगों की सहानुभूति कम प्राप्त होती है. ये अपने संपर्क में आए व्यक्तियों का ढाल बनकर सुरक्षा करते हैं. 

ये साहसिक, लगनशील, चिंतनशील, श्रेष्ठ विचारक और इन्ही गुणों से सम्मान और यश प्राप्त करते हैं. 

आप लोग शायद ही किसी से सलाह लेते हैं. अपने निर्णय खुद लेते हैं और उनपर अडिग रहते हैं. इसी कारण से वे कभी-कभी चीज़ों को लम्बे और कठिन तरीके से सीखते हैं. 

आप लोग जिम्मेदारी से अपने दाइत्व का निर्वाह करते हैं और कभी भी अपने प्रियजनों को व्यक्त नहीं करते 

आप लोग दूसरों के व्यक्तित्व का सही आकलन करते हैं और सही समय पर सही लोगों के साथ मिलकर अपने योजनाओं को क्रियान्वित करते हैं. आपके इसी गुण के कारण आप एक अच्छे व्यवसाई और एक अच्छे कूटनीतिज्ञ साबित होते हैं. 

कमियाँ

आप अपने प्रियजनों का पूरा ख़याल रखते हैं, परन्तु आप इसे कभी ज़ाहिर नहीं होने देते. इसी कारण से आप को जितना श्रेय मिलना चाहिए वह कहीं दब के रह जाता है. आप अपनी बातों ज़रूर रखें और बताएं की आप उनके लिए क्या कुछ करते हैं. 

आप दूसरों से राय नहीं लेने के कारण गलतियों से सीखते हैं जो एक लम्बा और कठिन मार्ग होता है. आप दूसरों से भी राय लें और उन्हें अमल में लाने की कोशिश करें. 

विवेचना

स्वामी ग्रह : शनि

शुभ समय : 21 दिसम्बर से 19 फरवरी, 21 सितम्बर से 19 अक्टूबर

शुभ तारीख : 8, 17, 26

शुभ वर्ष : 8, 17, 26, 35, 44, 53, 62, 71

अनुकूल तिथियां : 4, 13, 22, 31

अनुकूल वर्ष : 8, 17, 26, 35, 44, 53 एवं 4, 13, 22, 31, 40, 45, 58, 67

निर्बल समय : दिसम्बर, जनवरी, मार्च, अप्रैल

शुभ दिन : शनिवार, रविवार, सोमवार

सर्वोत्तम दिन : शनिवारशुभ रंग : बैगनी, काला, नीला, आसमानी, भूरा

अशुभ रंग : चटख लाल रंग

शुभ रत्न : नीलम

धातु : पंचधातु

रोग : वायुरोग, शरीर क्षीणता, कोष्ठबद्धता, गठिया, रक्तचाप, हृदय रोग, रक्ताल्पता, सिर पीड़ा, पेशाब में जलन, गंजापन इत्यादि

देव : शनिदेव

व्रत : शनिवार

दान पदार्थ : भैंस, तिल, तेल, काला वस्त्र, लौह, पंचधातु, उड़द

व्यवसाय : कसरत, खेलकूद का सामान, पुलिस व सैन्य विभाग, ठेकेदारी, वन विभाग, केमिकल्स, लघु उद्योग, वकालत, ज्योतिष, मुर्गीपालन, बागवानी, कोयला, बिजली का कार्य, नेतृत्व, नीति निर्धारण,धर्म कार्य, अध्यापन आदि

शुभ दिशा : दक्षिण, दक्षिण-पश्चिम, दक्षिण-पूर्व

अशुभ दिशा : उत्तर, उत्तर-पूर्व, उत्तर-पश्चिम

प्रसिद्द हस्तियां

माइकल एंजेलो : 6 मार्च 1475

नेल्सन मंडेला : 18 जुलाई 1918

पाब्लो पिकासो : 25 अक्टूबर 1881

अलेक्जेंडर ग्राहम बेल : 3 मार्च, 1847

Number 9

विशेषताएं

मूलांक ९ का स्वामी मंगल है. मूलांक ९ के लोग मान सम्मान और मर्यादा को ध्यान रखने वाले होते हैं. इनमें नेतृत्व का गुण होता है और भले ही ये उच्च स्थान पर हों या न हों, ऐसा ये हमशा महसूस करते हैं. जिस भी स्थान पर हों, ये हर चीज़ का ख़याल रखने वाले होते हैं. 

मूलांक ९ के जातक मानवता में यकीन रखते हैं. ये किसी को मुसीबत में देखकर उसकी भरसक मदद करने में तत्पर रहते हैं. दूसरों के लिए अपनी ऊर्जा, समय और धन लगाने से ये कभी नहीं कतराते. 

मूलांक ९ के जातक अपने माता पिता का पूरा ख्याल रखते हैं. अपने भूतकाल से कभी भी ये विलग नहीं होते. 

आप किसी भी चीज़ का अंत नहीं करना चाहते. और अगर आप अंत भी करते हैं तो अपने शर्तों पर. 

आपको अपनी मान मर्यादा का पूरा ख्याल रहता हैं और आप चाहते हैं की लोग आप का पूरा सम्मान करें. आप चाहे जिस भी ओहदे पर हों, इस बात का आपको हमेशा ख्याल रहता है. आप जैसे झुकना जानते ही नहीं. दूसरे ही आप का सम्मान करें. 

कमियाँ

मूलांक ९ के लोग हर चीज़ का ख़याल तो रखते हैं परन्तु इनके लोगों से बोलने और दूसरों को सम्मान देना सीखना चाहिए. 

दूसरों की मदद करने के चक्कर में कभी कभी आप लोग अपनी धन दौलत बर्बाद करके आर्थिक रूप से विपन्न हो जाते हैं. दूसरों की मदद ज़रूर करें, पर अपनी आर्थिक स्थिति को ध्यान में रखके। 

आप में गुण तो बहुत हैं परन्तु आप किसी एक पर कभी ध्यान नहीं दे पाते. इसके वजह से आप किसी ख़ास क्षेत्र में एक्सपर्ट नहीं बन पाते। 

आपको अपने सम्मान, मान मर्यादा का पूरा ख्याल हैं, पर आप दूसरों के साथ वही व्यवहार नहीं करते. आप चाहते हैं कि दूसरे आपके आगे झुकें पर आप नहीं झुकना चाहते. याद रखें, सम्मान पाने के लिए सम्मान देना भी ज़रूरी होता है. 

विवेचना

ग्रह स्वामी- मंगल

श्रेष्ठ समय- 21 मार्च से 27 अप्रैल, 21 अक्टूबर से 27 नवम्बर

श्रेष्ठ तिथियां- 9, 18, 27

श्रेष्ठ वर्ष-9, 18, 27, 36, 45, 54, 63, 72

अनुकूल तिथियां- 3, 12, 21, 30 एवं 6, 15, 24

अनुकूल वर्ष- 3, 12, 21, 30, 39, 48, 57, 66, 75 एवं 6, 15, 24, 33, 42, 51, 60, 69

निर्बल समय- मार्च, मई, जून तथा 18 नवम्बर से 31 दिसम्बर

विपरीत तिथियां- 1, 10, 19, 28

शुभ दिन- मंगलवार, गुरुवार, शुक्रवार

शुभ रंग- लाल, गुलाबी

शुभ रत्न- मूंगा

धातु- सुवर्ण

रोग- रक्तचाप, दुर्घटना, चोट, शरीरिक शिथिलता, हृदय रोग

देव- हनुमान जी

व्रत- मंगलवार

दान पदार्थ- मूंगा, स्वर्ण, गेहूं, रक्त चंदन, लाल वस्त्र, गुड़, घी, कनेर पुष्प, केशर

विवाह संबंध- 15 अक्टूबर से 14 दिसम्बर तथा 15 मई से 14 जून के मध्य जन्मे जातकों से

अनुकूल अंक- 1, 2, 3, 4, 6, 7

प्रतिकूल अंक- 5, 8

व्यवसाय- संगठन, संघ संचालन, नियंत्रण, चिकित्सा, ज्योतिष, धर्मोपदेश, सैन्य विभाग, गोला-बारूद, वकालत, औषधि कार्य, धातु कार्य आदि

अनुकूल दिशा- पूर्व, उत्तर-पूर्व

प्रतिकूल दिशा- दक्षिण, दक्षिण-पूर्व, दक्षिण-पश्चिम

प्रसिद्द हस्तियां

एल्विस प्रेस्ली 8 जनवरी 1935

मोहनदास गांधी 2 अक्टूबर 1869

मदर टेरेसा 26 अगस्त 1910

बॉब मार्ले 6 फ़रवरी 1945

एडेल 5 मई 1988

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