astrologyposts Archives - Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India https://www.astrologyofmylife.com/tag/astrologyposts/ Best Astrologer and Vastu Consultant at Pitampura Delhi - Acharya Dr. MSD Arya, Astrologer, Numerologist, Vastu Consultant, Gems Suggestions, best vastu consultant, moksha mukti, Best Astrologer, Astrology, Lal Kitab, Numerology, Horoscope, Matchmaking Astrologer, Astro SHop, Acharya Arya, Astro Arya, Astro arjuna, BlackMagic, hindu Panchang, Rashifal, Love, vashikaran, Thantrik, Raghava Bhatt, Moksha Mukti Jyotish and vastu Sansthan Delhi INdia Fri, 16 Feb 2024 07:27:58 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://www.astrologyofmylife.com/wp-content/uploads/2024/02/cropped-Moksha-Mukti-logo-latest-32x32.png astrologyposts Archives - Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India https://www.astrologyofmylife.com/tag/astrologyposts/ 32 32 Marriage and Planet Phal https://www.astrologyofmylife.com/marriage-n-planet-phal/ https://www.astrologyofmylife.com/marriage-n-planet-phal/#respond Mon, 24 Dec 2018 10:58:08 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=3147 शनि का शादी-विवाह पर असर – वैवाहिक जीवन के टूटने में सबसे बड़ी भूमिका शनि निभाता है – अगर शनि का सम्बन्ध विवाह भाव या इसके ग्रह से हो तो विवाह भंग होता ही है Married Life Report – शनि अगर विवाह भंग करने का कारण हो तो इसके पीछे घर के लोग जिम्मेदार माने …
Continue reading Marriage and Planet Phal

The post Marriage and Planet Phal appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
शनि का शादी-विवाह पर असर

– वैवाहिक जीवन के टूटने में सबसे बड़ी भूमिका शनि निभाता है

– अगर शनि का सम्बन्ध विवाह भाव या इसके ग्रह से हो तो विवाह भंग होता ही है

Married Life Report

– शनि अगर विवाह भंग करने का कारण हो तो इसके पीछे घर के लोग जिम्मेदार माने जाते हैं

– जब सम्बन्ध टूटता है तो उसे सुधरने में बहुत समय भी लग जाता है

Gemstone Suggestion

– अगर शनि की वजह से वैवाहिक जीवन में समस्या आ रही हो तो शिव जी को रोज जल चढ़ाएं

– हर शनिवार को लोहे के बर्तन में भरकर सरसों के तेल का दान करें

ऐसा नहीं है कि शादी में आने वाली समस्याओं के लिए सिर्फ शनि ही जिम्मेदार है. दूसरे ग्रहों में भी अगर दोष होता है तो शादी विवाह मे अड़चन आ जाती है. अगर कुंडली के मंगल में दोष हो तो शादीशुदा जिंदगी भी नर्क बन जाती है.

Rashifal 2019

 

मंगल का शादी-विवाह पर असर

– वैवाहिक जीवन में रिश्ता टूटने की नौबत आ जाती है

– मामला हिंसा तक पहुंच गया हो तो इसके पीछे मंगल होता है

– मंगल जब वैवाहिक जीवन में समस्या देता है तो मामला मार-पीट तक पहुच जाता है

Online Astrologer – Acharya Dr MSD Arya

– इसमें वैवाहिक सम्बन्ध, विवाह के बाद बहुत ही जल्दी भंग हो जाता है

– मामला कोर्ट कचहरी तक भी तुरंत पहुचता है

– अगर मंगल की वजह से समस्या आ रही हो तो मंगलवार का उपवास रखें

– हर मंगलवार को निर्धनों को मीठी चीजों का दान करें

– लाल रंग का प्रयोग कम से कम करें

http://www.astrologyofmylife.com/more-than-marriage-in-the-horoscope/

 

अगर आपकी कुंडली में बृहस्पति की दशा कमजोर है तो संभव है कि आपकी शादी में अड़चनें आएं और अगर शादी हो भी गई तो कमजोर बृहस्पति उसके बाद की जिंदगी में मुश्किलें पैदा कर सकता है. लेकिन अगर बृहस्पति मजबूत हो तो खुशियों की सौगात देता है.

– कुंडली में अगर बृहस्पति अच्छा हो तो विवाह की बाधाओं को समाप्त करता है

– अगर सप्तम भाव के स्वामी पर इसकी दृष्टि हो तो विवाह की बाधा को समाप्त करता है

– लग्न में बैठा हुआ बृहस्पति सर्वाधिक शक्तिशाली होता है

– ऐसा बृहस्पति समस्त बाधाओं का नाश कर देता है

– अगर बृहस्पति सप्तम भाव में हो तो कभी-कभी व्यक्ति अविवाहित भी रहता है

– अगर बृहस्पति अनुकूल हो तो पीली चीजों का दान कभी न करें

– अगर बृहस्पति खराब हो तो केले का दान करें, सर्वोत्तम होगा

– अगर बृहस्पति के कारण विवाह ही न हो पा रहा हो तो विद्या का दान करें |

Life Prediction

 

The post Marriage and Planet Phal appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/marriage-n-planet-phal/feed/ 0
कुंडली के सोए घर को जगाने के उपाय https://www.astrologyofmylife.com/measures-to-awaken-the-house-as-horoscope/ https://www.astrologyofmylife.com/measures-to-awaken-the-house-as-horoscope/#respond Thu, 12 Jul 2018 07:28:57 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=2182 कुंडली के सोए घर को जगाने के उपाय जन्म कुंडली में बारह खाने यानी बारह घर होते हैं और ग्रह नौ। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में कोई न कोई घर ऐसा होता ही है, जिसमें कोई ग्रह नहीं होता लाल किताब में ऐसे घर को सोया हुआ घर या सुप्त घर कहा जाता …
Continue reading कुंडली के सोए घर को जगाने के उपाय

The post कुंडली के सोए घर को जगाने के उपाय appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
कुंडली के सोए घर को जगाने के उपाय जन्म कुंडली में बारह खाने यानी बारह घर होते हैं और ग्रह नौ। ऐसे में प्रत्येक व्यक्ति की कुंडली में कोई न कोई घर ऐसा होता ही है, जिसमें कोई ग्रह नहीं होता लाल किताब में ऐसे घर को सोया हुआ घर या सुप्त घर कहा जाता है तथा जिस घर पर किसी ग्रह की दृष्टि नहीं पड़ती उसे भी सुप्त घर माना जाता है

जिस घर में कोई ग्रह नहीं होता, उससे संबंधित परिणाम भी व्यक्ति को नहीं मिलते या बहुत कम मात्रा में मिलते हैं। उदाहरण के लिए यदि धन स्थान यानी द्वितीय घर में कोई ग्रह नहीं है तो लाल किताब के अनुसार यह घर सोया हुआ है। ऐसे में जातक के जीवन में धन की कमी हमेशा बनी रहेगी। ऐसी स्थिति में सुप्त घर को जागृत करना आवश्यक होता है

जिन लोगों की कुंडली में प्रथम भाव सोया हुआ हो, उन्हें इस घर को जगाने के लिए मंगल का उपाय करना चाहिए। इसके लिए मंगलवार का व्रत करें। मंगलवार के दिन हनुमानजी को बेसन के लड्डू का भोग लगाएं और वह प्रसाद बांटें

यदि कुंडली का दूसरा घर सोया हुआ हो तो चंद्रमा से संबंधित उपाय करना चाहिए। इसके लिए चांदी की अंगूठी, पेंडेंट या अन्य कोई आभूषण पहनना चाहिए। माता की सेवा करने और उनके सुखों का ध्यान रखने से यह घर जागृत हो जाता है
तीसरे घर को जगाने के लिए बुध का उपाय किया जाता है। बुध के लिए दुर्गा सप्तशती का पाठ करना चाहिए। बुधवार के दिन गाय को हरा चारा खिलाएं।

Varshphal Report

लाल किताब के अनुसार कुंडली के चौथे घर में यदि कोई ग्रह नहीं है तो चंद्र से संबंधित उपाय करें। सोमवार को साबूदाने की खीर का प्रसाद वितरण करें।
पांचवें घर को जगाने के लिए सूर्य का उपाय करना फायदेमंद होता है। इसके लिए नियमित आदित्यहृदय स्तोत्र का पाठ एवं रविवार के दिन लाल भूरी चीटियों को आटा, गुड़ देने से सूर्य की कृपा प्राप्त होती है।

छठे घर को जगाने के लिए राहु का उपाय करना चाहिए। जन्मदिन से आठवां महीना शुरू होने पर पांच महीनों तक बादाम मंदिर में चढ़ाएं, जितना बादाम मंदिर में चढ़ाएं उतना वापस घर में लाकर रख दें।
कुंडली के सातवें घर को जगाने के लिए शुक्र को जगाना होता है। शुक्र को जगाने के लिए आचरण की शुद्धि सबसे आवश्यक है। स्त्रियों का अपमान न करें। किसी से दुर्व्यवहार न करें।

Horoscope PDF Format Computerized

 

आठवें घर को जागृत करने के लिए चंद्रमा से जुड़े उपाय किए जाते हैं। इसके लिए चांदी का कोई आभूषण पहन रखें या अपने जेब में चांदी की ठोस गोली रखें

नवम भाव सोया हो तो गुरुवार के दिन पीले वस्त्र धारण करना चाहिए। ऐसा व्यक्ति सोना पहनकर रखे या मस्तक पर केशर का तिलक करे। इन उपाय से गुरु प्रबल होता है और नवम भाव जागता है।
दशम भाव को जागृत करने के लिए शनिदेव का उपाय करना चाहिए। शनिवार के दिन हनुमान जी के दर्शन करें। शनि से संबंधित दान करें।
एकादश भाव को जगाने के लिए के लिए गुरु को प्रसन्न् करना आवश्यक है। गुरुवार के व्रत करें। गाय को केला खिलाएं। गुरुवार को चंदन का तिलक लगाएं।
यदि किसी जातक की कुंडली का बारहवां भाव सोया हुआ है तो घर में कुत्ता पालना चाहिए। पत्नी के भाई की सहायता करनी चाहिए।

Online Astrologer – Acharya Dr MSD Arya

 

The post कुंडली के सोए घर को जगाने के उपाय appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/measures-to-awaken-the-house-as-horoscope/feed/ 0
भविष्यवाणीयाँ … जो कभी असत्य नहीं होती https://www.astrologyofmylife.com/prophecies-which-are-never-untrue/ https://www.astrologyofmylife.com/prophecies-which-are-never-untrue/#respond Wed, 11 Jul 2018 08:21:36 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=2178 भविष्यवाणीयाँ … जो कभी असत्य नहीं होती ! यद्यपि ज्योतिष ऐसा उलझा विज्ञान है , जिसमें पूर्ण निपुणता प्राप्त करना बहुत कठिन है किंतु इसके कुछ स्थूल और सर्वमान्य पक्ष भी हैं । जिनकी सत्यता की परख कोई साधारण व्यक्ति भी कर सकता है । ज्योतिष के ऐसे ही अकाट्य संयोगों को आज आपके समक्ष …
Continue reading भविष्यवाणीयाँ … जो कभी असत्य नहीं होती

The post भविष्यवाणीयाँ … जो कभी असत्य नहीं होती appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
भविष्यवाणीयाँ … जो कभी असत्य नहीं होती !

यद्यपि ज्योतिष ऐसा उलझा विज्ञान है , जिसमें पूर्ण निपुणता प्राप्त करना बहुत कठिन है किंतु इसके कुछ स्थूल और सर्वमान्य पक्ष भी हैं । जिनकी सत्यता की परख कोई साधारण व्यक्ति भी कर सकता है । ज्योतिष के ऐसे ही अकाट्य संयोगों को आज आपके समक्ष प्रस्तुत करता हूँ ।

1 . किसी भी जन्म कुंडली मे चन्द्रमा 10 वें अंक अर्थात मकर राशि मे किसी भी घर में स्थित हो तो उस व्यक्ति को जीवन में एक बार तो अवश्य ही भयँकर विफलता झेलनी ही होगी , समाज में अपना मुख दिखाने में भी संकोच करेगा ।

2. चन्द्रमा के साथ एक ही घर में शनि , राहु अथवा मंगल जैसे दुष्ट ग्रह हो तो वह व्यक्ति मानसिक रूप से इतना परेशान होगा कि लगे पागल है ।

Online Astrologer – Acharya Dr MSD Arya

 

3. चन्द्रमा चार दुष्ट ग्रहों शनि , राहु , मंगल , केतु में से किसी दो के साथ किसी भी घर मे हो अथवा दो दुष्ट ग्रह चन्द्रमा को देखते हैं तब भी उपरोक्त से मिलता जुलता प्रभाव ही पड़ता है। । यदि दो दुष्ट ग्रह चंद्र के साथ न हों किन्तु उससे अगले पिछले घर में हों तो भी मानसिक यातना और परेशानी का अनुभव उस व्यक्ति को होता ही है ।

4. यदि किसी की कुंडली मे मंगल और शुक्र एक ही भाव मे साथ हों तो उस व्यक्ति के विवाह पश्चात भी अन्यत्र सम्बन्ध होते ही हैं ।चाहे वो कितना ही संयमी और सदाचारी हो ।

5. यदि कुंडली मे 10 नम्बर अर्थात मकर राशि का मंगल हो तो दो परिणाम होंगे , यदि कुंडली महिला की है तो उसके पिता का स्वभाव बात बात में भद्दी गालियां देना होगा और यदि पुरुष की है तो ऐसी ही अभद्र भाषा का प्रयोग उसके चाचा करेंगे । साथ ही वह व्यक्ति उत्तम श्रेणी का विद्यार्थी भी होगा ।

Get Appointment

 

6. शनि यदि तुला राशि 7 अंक में होगा तब वह विद्वान और श्रेष्ठ विद्यार्थी होगा ।

7. यदि गुरु 4 अंक में अर्थात कर्क राशि मे उच्च होगा तो वो व्यक्ति सज्जन , उदार ह्रदय , चरित्रवान और सत्यवादी होगा ।

8. यदि लग्न में मंगल हो और अस्त न हो तो व्यक्ति क्रोधी होगा ही ।

9. यदि लग्न मेष है तो व्यक्ति धैर्यहीन होगा ।

10. कर्क लग्न में या नौवें घर अथवा भाव कहें में गुरु और चन्द्र स्थित हों तो वह व्यक्ति महान नेता , निडर सत्यवादी और ख्याति प्राप्त हो ।

11. यदि मकर लग्न में अकेला केतु हो वो व्यक्ति जर्जर शरीर , जिसके देह में माँस न दिखता हो पीत शरीर वाला होता है और क्षय रोग tb से पीड़ित हो ।

12. तीसरे भाव का मंगल व्यक्ति को साहसी बनाता है ।

Life Prediction

 

13. किसी भी भाव में मकर राशि मे चार ग्रह वाला व्यक्ति कलंक , लज्जा या पराजय की भावना से ग्रस्त होता है और समाज के उच्च लोगो के सामने प्रकट होने में लज्जा महसूस करे ।

14 . किसी भी घर मे चन्द्र और राहु साथ हों वो व्यक्ति कारावास , आरोप , मुक़्क़दमें , अकस्मात दुःख आदि से ग्रस्त हो ।

15 . किसी भी भाव में गुरु और चन्द्र अथवा शुक्र और चन्द्र साथ हों , वो व्यक्ति बहुत सुंदर आकर्षक होगा और यदि यही सहयोग चौथे भाव में हों तो माता का व्यक्तित्व बहुत आकर्षक होता है । यदि यही सहयोग सप्तम भाव अर्थात पत्नी के भाव मे हो तो पत्नी लुभावन होगी ।और यदि दशम भाव हो तो पिता सुंदर होंगें ।

16 . चन्द्र , शनि एक साथ चौथे घर हों तो बचपन और जवानी घोर आपदाओं में बीते ।

Prashna Kundli by Acharya Arya

 

The post भविष्यवाणीयाँ … जो कभी असत्य नहीं होती appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/prophecies-which-are-never-untrue/feed/ 0
ज्योतिष के ये उपाय आपकी कुण्डली में अशुभ ग्रह की छाया से बचाएंगे https://www.astrologyofmylife.com/ominous-planet-in-your-horoscope/ https://www.astrologyofmylife.com/ominous-planet-in-your-horoscope/#respond Wed, 13 Jun 2018 06:29:19 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=2066 अगर किसी जातक की कुंडली में किसी अशुभ ग्रह की छाया पड़ जाये तो उस जातक को जीवन में तरह – तरह की समस्याओं, परेशानियों से दो चार करना पड़ता हैं । ग्रहों की अशुभ स्थिति का सही पता लग जाये तो उनका निवारण जातक स्वंय कुछ छोटे छोटे उपायों के द्वारा अपने घर पर …
Continue reading ज्योतिष के ये उपाय आपकी कुण्डली में अशुभ ग्रह की छाया से बचाएंगे

The post ज्योतिष के ये उपाय आपकी कुण्डली में अशुभ ग्रह की छाया से बचाएंगे appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
अगर किसी जातक की कुंडली में किसी अशुभ ग्रह की छाया पड़ जाये तो उस जातक को जीवन में तरह – तरह की समस्याओं, परेशानियों से दो चार करना पड़ता हैं । ग्रहों की अशुभ स्थिति का सही पता लग जाये तो उनका निवारण जातक स्वंय कुछ छोटे छोटे उपायों के द्वारा अपने घर पर ही बिना रूपया पैसा खर्च किए सहज ही कर सकता । इन उपायों को करने के बाद निश्चित ही व्यक्ति जीवन में शुभ होना प्रारंभ हो जाता हैं, और सभी परेशानियां खत्म होने लगती हैं ।

Vastu Check by Scientifically

कुण्डली में अशुभ ग्रह की छाया से बचने के लिए करें-

1- सूर्य

अगर किसी जातक की कुंडली में सूर्य ग्रह का अशुभ योग बना है तो उसके कारण जातक को ह्रदय रोग, नेत्र रोग, आर्थिक हानि, झूठे आरोप लगना, एवं मान-सम्मान में कमी आना आदि परेशानियों का सामना करना पड़ता है ।

यह उपाय करें-

रविवार को सूर्योदय के समय सूर्य को जल चढ़ाने के बाद किसी गरीब व्यक्ति को दान अवश्य करें । ऐसा करने से जातक की कुंडली में सूर्य ग्रह का अशुभ प्रभाव कम हो जायेगा ।

Online Astrologer – Acharya Dr MSD Arya

2- चन्द्र

कुंडली में चन्द्रमा के अशुभ होने पर उक्त जातक को मानसिक तनाव, बे वजह चिन्ता, फेफड़े संबंधी रोग एवं धन आय के स्रोतों में कमी आने लगेगी ।

यह उपाय करें-

चन्द्रमा के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए चांद को दूध, दही, चावल, सफेद फूल, सफेद चंदन और कपूर का दान करें ।

Get Appointment

3- मंगल

कुंडली में मंगल के अशुभ होने पर जातक को ह्रदय रोग, कर्ज से परेशान और जमीन जायदाद संबंधी विवाद आदि परेशानियां होने लगती है ।

यह उपाय करें-

मंगल के अशुभ प्रभाव को कम करने के लिए देवी माँ के मंदिर या किसी छोटी कन्या को लाल कपड़े का दान करने से मंगल का अशुभ प्रभाव कम होगा ।

Horoscope

4- बुध

कुंडली में बुध के अशुभ होने पर जातक को दांत संबंधी रोग होने के साथ घर परिवार के सदस्यों में लड़ाई झगड़ा की स्थिति बनने लगती है ।

यह उपाय करें-

बुध के प्रभाव को कम करने के लिए हरी चीजों को दान करें, जैसे हरी चुनरी, हरे कपड़े, हरे फल या सब्जी आदि ।

Varshphal Report

5- गुरु-

कुंडली में गुरु के अशुभ होने पर जातक को अपने ही पुत्र से कष्ट मिलने लगते हैं । शिक्षा में परेशानियां आने लगती है । विवाह में बाधाएं आती है ।

यह उपाय करें-

किसी लक्ष्मीनाराण मंदिर के पुजारी को पीला वस्त्र और धार्मिक पुस्तक आदि का दान गुरु ग्रह के अशुभ प्रभाव को दूर करने के लिए करना चाहिए ।

Matchmaking – Acharya Dr MSD Arya

6- शुक्र

कुंडली में शुक्र के अशुभ होने पर जातक को वैवाहिक सुख में कमी होने लगती है । क्योंकि शुक्र ग्रह को सौन्दर्य और सम्पन्नता का प्रतीक माना गया है ।

यह उपाय करें-
माता के मंदिर जाकर लाल चुनरी चढ़ाएं । शुक्र का अशुभ प्रभाव कम होने लगेगा ।

Married Life Report

7-शनि

कुंडली में शनि की अशुभता के चलते जातक को आगजनी, दुर्घटना, आंखों के रोग और पिता से मनमुटाव जैसी परेशानि होने लगती है ।

यह उपाय करें-

तेल, सरसों, काले तिल, काला वस्त्र, जूते आदि का दान करने से शनि का अशुभ प्रभाव कम होने लगता हैं ।

Horoscope PDF Format Computerized

8- राहु

कुंडली में राहु के अशुभ होने पर जोतक के सिर पर अक्सर चोट लगने लगती है, मानसिक पीड़ा के साथ हरेक कार्यो में अड़चने पैदा होने लगती है ।

यह उपाय करें-

राहु के प्रभाव को कम करने के लिए किसी कोढ़ी को कपड़े का दान करना चाहिए।

Shubh Muhurat

9- केतु

कुंडली में केतु की अशुभता के चलते जातक को किसी से विश्वासघात का शिकार होना पड़ता है ।

यह उपाय करें-

नारियल और उड़द दाल आदि का दान करने से केतु ग्रह की शांति होती है ।

Signature Design

The post ज्योतिष के ये उपाय आपकी कुण्डली में अशुभ ग्रह की छाया से बचाएंगे appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/ominous-planet-in-your-horoscope/feed/ 0
राहु पूर्व जन्मों के कर्म बंधन https://www.astrologyofmylife.com/rahu-karma-bond-of-previous-births/ https://www.astrologyofmylife.com/rahu-karma-bond-of-previous-births/#respond Sat, 09 Jun 2018 08:02:59 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=2036 राहु पूर्व जन्मों के कर्म बंधन को दर्शाता है। राहु जिस ग्रह के साथ युति में होता है वैसा ही कर्मबंधन अर्थात दोष होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राहु शीर्ष है। शरीर की अन्य इंद्रियों के अभाव के चलते इसमें अच्छे-बुरे का ज्ञान नहीं होता है, इसलिए इसे यह धर्म के विपरीत कार्य करता …
Continue reading राहु पूर्व जन्मों के कर्म बंधन

The post राहु पूर्व जन्मों के कर्म बंधन appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>

राहु पूर्व जन्मों के कर्म बंधन को दर्शाता है। राहु जिस ग्रह के साथ युति में होता है वैसा ही कर्मबंधन अर्थात दोष होता है। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार राहु शीर्ष है। शरीर की अन्य इंद्रियों के अभाव के चलते इसमें अच्छे-बुरे का ज्ञान नहीं होता है, इसलिए इसे यह धर्म के विपरीत कार्य करता है। आत्मा व परमात्मा के विषय में इसकी रूचि नहीं है, इसके उलट यह माया का दास है। सामान्य रूप से लोगों में यह मान्यता है कि राहु हमेशा ही जातक को खराब फल देता है। राहु-केतु, चंद्र तथा अन्य ग्रहों के क्रांतिवृत्त पर भ्रमण नहीं करता, पर क्रांतिवृत्त के साथ जुड़ाव रखते हुए यह भ्रमण करता है। यह परिक्रमण के दौरान क्रांतिवृत्त के बिंदु को काटता है। चंद्र नीचे से ऊपर आते समय जिस बिंदु पर काटता है उस कटान बिंदु को राहु कहा जाता है और ऊपर से नीचे जाने की ओर जिस बिंदु पर काटता है उस कटान बिंदु को केतु कहते हैं। सार रूप में कहें तो राहु-केतु का कोई भौतिक अस्तित्व नहीं होता है। पर इन्हें फलित ज्योतिष में काफी महत्वपूर्ण स्थान दिया गया है।

Signature Design

जीव की हर एक तृष्णा का कारक राहु कहलाता है। युद्ध में लड़कर महावीर कहलाने वाले, वीर चक्र प्राप्त करने वाले और युद्ध प्रेमी जातकों की कुंडली में राहु बलवान होता है। यह स्वतंत्रता का अभिलाषी होता है। केवल अपना मतलब साधने के लिए हर एक व्यक्ति के साथ यह संबंध बनाता है। राहु अक्सर लोगों का आवास, उद्देश्य और मित्रों में परिवर्तन लाता है। इसमें स्वार्थ की भावना अधिक होने से यह शत्रुता में बढ़ोत्तरी करता है। दुश्मन, रोग और उधारी ये तीनों ही राहु के मुख्य गुण हैं। राहु का प्रभाव जिन पर होता है वे मंगल जैसे जोशीले नहीं होते, बल्कि आत्मविश्वास से भरपूर, बहादुर और निडर होते हैं। इस तरह का गुण रखने वाले राहु का कलयुग में प्रभाव बढ़ जाता है। राहु पृथ्वी के गूढ़ तत्व, रहस्यों और अगोचर दुनिया की जानकारी देता है। राहु जब बुध की राशि में होता है तब अधिक बलशाली हो जाता है। राहु-केतु पारगमन रिपोर्ट से जानें, राहु-केतु का गोचर अापके जीवन को किस तरह प्रभावित करेगा।

राहु कन्या राशि में बलवान होता है। राहु की खुद की कोई राशि नहीं होती, इसलिए वह जिस भी स्थान में होता है उस स्थान के अधिपति जैसा ही फल देता है। यदि राहु अकेला ही केंद्र या त्रिकोण में बैठा हो और वह केंद्र या त्रिकोण के स्वामी के साथ युति करता है तो योगकारक बनता है। ज्योतिष शास्त्र के अनुसार राहु 3, 6 व 11वें भाव में बलवान बनता है। अगर राहु जातक की कुंडली में शुभता प्रदान करने वाले स्वामी के साथ युति करता है या उपस्थित होता है तो वह जातक की दशा-अंतर्दशा में भी शुभ फल दिलाता है। राहु जिस ग्रह के साथ होता है वह उस ग्रह की प्रवृत्ति में विकृति लाता है। जहां शुक्र-राहु की युति जातक को कामुक बनाती हैं, वहीं इसकी गुरु के साथ युति गुरु चांडाल योग को जन्म देती है। हालांकि, गुरु व शुक्र जिस भाव के स्वामी होते है उसके अनुसार ही लाभ या नुकसान देते हैं। राहु-मंगल का वृश्चिक राशि से संबंध एक प्रकार का विषेला संबंध बनाता है जिसकी वजह से अफीम, गांजे, शराब और चरस जैसी वस्तुओं पर राहु का प्रभाव होता है। एेसे धंधे में राहु फायदा कराता है। राहु अगर शुभ बुध के साथ होता है तो वह जातक को एक अच्छा व्यापारी व वैज्ञानिक भी बनाता है। हालांकि, अशुभ स्थान पर स्थित बुध जातक के लिए अशुभ परिणाम लाता है।

Vastu Check by Scientifically

राहु कुंडली के 6-8-12 के स्वामी के साथ अथवा 6-8-12 वें भाव में अशुभ फल देता है। राहु के ज्ञान के भी कारक कहलाने से यदि यह पाप ग्रहों की संगत में होता है तो मंद बुद्धि या पागलपन की स्थिति पैदा कर सकता है। इस तरह से यह कहा जा सकता है कि राहु हर इंसान की कुंडली में भिन्न-भिन्न प्रकार का फल प्रदान करता है। इसलिए, ज्योतिषियों को राहु-केतु के फलकथन करने से पहले कुंडली का विस्तार से अध्ययन कर लेना चाहिए।

यदि कुंडली में राहु की स्थिति शुभ बनती हो और व्यक्ति राहु की कारक चीजों का ही काम करता है तो राहु की दशा -अंतर्दशा के दौरान व्यक्ति सफलता व प्रगति के शिखर को छूता है। हमारी एक्सक्लूजिव राहु-केतु ट्रांजिट रिपोर्ट कैरियर के लिए का लाभ उठाए आैर जानें राहु-केतु का गोचर आपके कैरियर पर क्या प्रभाव ड़ालेगा।

Online Astrologer – Acharya Dr MSD Arya

शुभ ग्रह के साथ राहु की युति जातक को शुभ फल देती है-

– राहु का शुभ सूर्य के साथ अथवा सूर्य के नक्षत्र में होना राजयोग जैसा फल देता है।

– जातक की कुंडली में राहु के शुभ चंद्र या चंद्र के नक्षत्र में होने पर जातक खेतीबाड़ी में सफलता प्राप्त करता है। इसके अलावा, राहु आमदनी में भी वृद्धि कराता है। यह समुद्री यात्राओं के योग बनाता है।

– अगर राहु, शुभ मंगल या मंगल के नक्षत्र में हो तो व्यक्ति जेलर की नौकरी पाता है। मंगल के कारकत्व वाले क्षेत्रों में भी यह शुभ फल देता है।

Matchmaking – Acharya Dr MSD Arya

– बुध के नक्षत्र या शुभ बुध के साथ होने पर राहु व्यापार में विकास, मैनेजमेंट या उच्च शिक्षा से जुड़ी कोई पदवी दिलाता है।

– शुभ गुरु के साथ या गुरु के नक्षत्र में राहु हो तो एेसी ग्रह स्थिति के आशीर्वाद के फलस्वरूप जातक चुनाव में जीत हासिल करता है। जातक को संतान सुख का सौभाग्य मिलता है और वह आध्यात्मिक कार्यों में अधिक रूचि रखता है।

– शुभ फलदायी शुक्र के साथ या उसके नक्षत्र में राहु की उपस्थिति शुभ फल देती है। कुंडली के लग्न में होने से जातक को सुंदर बनाता है। एेसा जातक कलाप्रेमी होने के अतिरिक्त कलाक्षेत्र में भी अधिक कार्यरत होता है।

– शुभ शनि या उसके नक्षत्र में राहु हो तो सामान्य रूप से श्रापित दोष बनने से उस भाव का फल नहीं देता है। फिर भी यदि शनि की स्थिति शुभ होने पर जातक को टेक्निकल और व्यापारिक क्षेत्रों में तो शुभ फल देता है, पर उसकी मानसिक शांति हर लेता है यानी जातक मानसिक अशांति व बेचैनी का अनुभव करता है।

Gemstone Suggestion

– राहु-केतु यदि अपने नक्षत्र में हो और वे शुभ स्थान में बैठे हों तो जातकों को शुभ फल देते हैं।

दुनिया में एेसे कई लोकप्रिय व्यक्ति या हस्ती हैं जिन्होंने राहु की दशा और अंतर्दशा में अपने जीवन में खूब ख्याति व सफलता प्राप्त की है। एेसा कहा जाता है कि यदि योगकारक ग्रह कमजोर हो तो वे अपनी दशा में जातक को अशुभ फल देते हैं, परंतु यदि इसी कुंडली में राहु एेसे ग्रह का यदि प्रतिनिधित्व कर रहा हो तो राहु की दशा जातक के लिए उस समय फलदायी हो जाती है। इसके सबसे जीवंत उदाहरण है रोहित शर्मा। रोहित की कुंडली में राहु त्रिकोण भाव व नवम भाव में भाग्येश गुरु और लाभेश शुक्र के साथ युति बनाता है। इस युति के प्रताप से ही एक सामान्य परिवार में पले-बड़े रोहित शर्मा ने अपने प्रोफेशनल करियर की शुरूआत राहु की महादशा में करते हुए क्रिकेट में अनेक सिद्धियां सर करते हुए सफलता की चोटी पर पहुंच गए हैं।

Prashna Kundli by Acharya Arya

संक्षेप में यह कहा जा सकता है कि राहु हमेशा अशुभ फल ही नहीं देता है। यदि यह जातक की कुंडली में बलवान या योगकारक हो जाता है तो जातक की अनेकों आकांक्षाओं को पूरा करके उसके जीवन को सफल व सुखमय बना देता है।

buy Any yantra

Kalsarp Dosh Niwarak Yantra

The post राहु पूर्व जन्मों के कर्म बंधन appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/rahu-karma-bond-of-previous-births/feed/ 0
चंद्र रत्न मोती https://www.astrologyofmylife.com/moon-gem/ https://www.astrologyofmylife.com/moon-gem/#respond Sat, 09 Jun 2018 07:45:57 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=2031 चंद्र रत्न मोती ज्योतिष में चंद्रमाँ बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह है इसका सम्बंध सीधा मन से होता है चंद्रमा किसी भी कुंडली में अगर पाप प्रभाव में होगा या कमज़ोर होगा तो व्यक्ति का मन बड़ी बुरी तरह परेशान होगा चाहे जीवन में व्यक्ति को सभी सुख सुविधाएँ प्राप्त हो लेकिन अगर जन्मकुंडली में चंद्रमाँ …
Continue reading चंद्र रत्न मोती

The post चंद्र रत्न मोती appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
चंद्र रत्न मोती

ज्योतिष में चंद्रमाँ बहुत ही महत्वपूर्ण ग्रह है इसका सम्बंध सीधा मन से होता है चंद्रमा किसी भी कुंडली में अगर पाप प्रभाव में होगा या कमज़ोर होगा तो व्यक्ति का मन बड़ी बुरी तरह परेशान होगा चाहे जीवन में व्यक्ति को सभी सुख सुविधाएँ प्राप्त हो लेकिन अगर जन्मकुंडली में चंद्रमाँ कमज़ोर या पाप प्रभाव में है तो निश्चित तोर पर व्यक्ति अवसाद से (मानसिक पीड़ा ) से ग्रस्त होगा
चंद्रमाँ जन्म कुंडली में मन ,माता,प्रेम ,रक्त ,बुखार,अवसाद (डिप्रेशन)का कारक है
यदि जातक की कुंडली में चंद्रमाँ बहुत अच्छी स्तिथि में है तो व्यक्ति कुछ अभाव में होने पर भी सदा मनमोजी (मस्त) रहता है

Online Astrologer – Acharya Dr MSD Arya

चंद्र रत्न मोती धारण करने के नियम :-
कर्क ,मीन ,वृश्चिक,मेष लग्न के व्यक्तियों को मोती धारण करना अत्यधिक शुभ होता है तुला लग्न के जातक को भी मोती धारण करना शुभ रहता है
लेकिन अगर किसी भी जन्मकुंडली में चंद्रमाँ कमज़ोर या पाप प्रभाव में हो तो मोती धारण किया जा सकता है चाहे लग्न कोई भी हो (निजी अनुभव भी )
मीन लग्न के जातकों के लिए मोती धारण करने से संतान सुख ,बुद्धि में वृद्धि,विद्या में लाभ,धन लाभ ,मन की शांति में विशेषकर लाभ कारी होता है

Get Appointment

कर्क लग्न में मोती धारण करने से व्यक्ति को शारीरिक लाभ यानी स्वास्थ्य में लाभ मिलता है

वृश्चिक लग्न के जातकों के लिए मोती धारण करने से भाग्य तथा पिता सुख में लाभ होता है

मेष लग्न के जातकों के लिए मोती धारण करने से मकान ,वाहन,ओर माता के सुख में लाभ दायक होता है
तुला लग्न के जातकों को मोती धारण करने से व्यवसाय या नोकरी में लाभप्रद होता है

Life Prediction

विशेषकर विष योग से ग्रस्त जातकों को मोती धारण करने से उनको शारीरिक लाभ एवम् मानसिक चिंता से मुक्ति मिलती है

बालरिश्ट योग  में मोती धारण करना भी लाभदायक होता है

Note :- कैंसर के रोग में भी मोती धारण करना लाभप्रद होता है

Note:-किसी भी रत्न को धारण करने से पूर्व किसी रत्न विशेषज्ञ की सलाह लेना बहुत ज़रूरी होता है|

Click here for Purchase

https://www.astrologyofmylife.com/product/fresh-water-pearls-certified/

The post चंद्र रत्न मोती appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/moon-gem/feed/ 0
घर से बिमारी दूर करने के उपाय https://www.astrologyofmylife.com/home-remedies/ https://www.astrologyofmylife.com/home-remedies/#respond Sat, 09 Jun 2018 07:32:31 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=2027 1 महीने में एक बार मीठी रोटियां बनाकर कुत्तों को डाले ,रोटियों की संख्या आपके परिवार के कुल सदस्यों की संख्या में जितने मेहमान उस महीने में आपके घर में आये है उनको जोड़कर उस से चार अधिक रोटियां बनाकर डालनी है। 2साल में एक बार अच्छी तरह पक्का हुआ कद्दू यानी पेठा किसी धर्मस्थान …
Continue reading घर से बिमारी दूर करने के उपाय

The post घर से बिमारी दूर करने के उपाय appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
1 महीने में एक बार मीठी रोटियां बनाकर कुत्तों को डाले ,रोटियों की संख्या आपके परिवार के कुल सदस्यों की संख्या में जितने मेहमान उस महीने में आपके घर में आये है उनको जोड़कर उस से चार अधिक रोटियां बनाकर डालनी है।

2साल में एक बार अच्छी तरह पक्का हुआ कद्दू यानी पेठा किसी धर्मस्थान में दान किया करे।

Online Astrologer – Acharya Dr MSD Arya

3जब भी किसी शमशान के पास से गुजरे वहां एक दो रूपए का सिक्का वहां गिरा दिया करे ऐसा माना गया है की इस से भी देवीय सहायता प्राप्त होती है।

4मरीज के सिरहाने एक सिक्का रखकर सुबह उसे किसी हरिजन को दें ऐसा 43 दिन लगातार करे।

5मुख्य रूप से गाय को रोटी देने ,, कुतों को रोटी खिलाने और कोवों को रोटी डालने से आप अधिकतर बुरे प्रभावों से बच सकते है।

Varshphal Report

6अगर परिवार में कोई व्यक्ति बीमार है तथा लगातार औषधि सेवन के पश्चात् भी स्वास्थ्य लाभ नहीं हो रहा है, तो किसी भी रविवार से आरम्भ करके लगातार 3 दिन तक गेहूं के आटे का पेड़ा तथा एक लोटा पानी व्यक्ति के सिर के ऊपर से उसार कर जल को पौधे में डाल दें तथा पेड़ा गाय को
खिला दें। अवश्य ही इन 3 दिनों के अन्दर व्यक्ति स्वस्थ महसूस करने लगेगा। अगर उपाय की अवधि में रोगी ठीक हो जाता है, तो भी प्रयोग को पूरा करना है, बीच में रोकना नहीं चाहिए।

7 अगर बीमार व्यक्ति ज्यादा गम्भीर हो, तो जौ का 125 पाव (सवा पाव) आटा लें। उसमें साबुत काले तिल मिला कर रोटी बनाएं। अच्छी तरह सेंके, जिससे वे कच्ची न रहें। फिर उस पर थोड़ा सा तिल्ली का तेल और गुड़ डाल कर पेड़ा बनाएं और एक तरफ लगा दें। फिर उस रोटी को बीमार व्यक्ति के ऊपर से 7 बार वार कर किसी भैंसे को खिला दें। पीछे मुड़ कर न देखें और न कोई आवाज लगाए। भैंसा कहाँ मिलेगा, इसका पता पहले ही मालूम कर के रखें। शनि और मंगलवार को ही यह कार्य करें।

Signature Design

8पीपल के वृक्ष को प्रात: 12 बजे के पहले, जल में थोड़ा दूध मिला कर सींचें और शाम को तेल का दीपक और अगरबत्ती जलाएं। ऐसा किसी भी वार से शुरू करके 7 दिन तक करें। बीमार व्यक्ति को आराम मिलना प्रारम्भ हो जायेगा।

9घर से बीमारी जाने का नाम न ले रही हो, किसी का रोग शांत नहीं हो रहा हो तो एक गोमती चक्र ले कर उसे धागे में पिरो कर रोगी के पलंग के पाये पर बांधने से आश्चर्यजनक परिणाम मिलता है। उस दिन से रोग समाप्त होना शुरू हो जाता है।

Vastu Check by Scientifically

10यदि आपका बच्चा बहुत जल्दी-जल्दी बीमार पड़ रहा हो और आप को लग रहा कि दवा काम नहीं कर रही है, डाक्टर बीमारी खोज नहीं पा रहे है। तो यह उपाय शुक्ल पक्ष की अष्टमी को करना चाहिये।

आठ गोतमी चक्र ले और अपने पूजा स्थान में मां दुर्गा के श्रीविग्रह के सामने लाल रेशमी वस्त्र पर स्थान दें। मां भगवती का ध्यान करते हुये कुंकुम से गोमती चक्र पर तिलक करें। धूपबत्ती और दीपक प्रावलित करें। धूपबत्ती की विभूति से भी गोमती चक्र को तिलक करें। ॐ ऐं ह्रीं क्लीं चामुण्डायै विच्चे की 11 माला जाप करें। जाप के उपरांत लाल कपड़े में 3 गोमती चक्र बांधकर ताबीज का रूप देकर धूप, दीप दिखाकर बच्चे के गले में डाल दें। शेष पांच गोमती चक्र पीले वस्त्र में बांधकर बच्चे के ऊपर से 11 बार उसार कर के किसी विराने स्थान में गड्डा खोदकर दबा दें। आपका बच्चा हमेशा सुखी स्वस्थ रहेगा।

11 ब्लड प्रेशर/डिप्रेशन से बचने का उपाय

रविवार के दिन 325 ग्राम दूध अपने सिरहाने रख कर सोएं। सोमवार को सुबह उठकर दूध को पीपल के पेड़ पर चढ़ा दें, 5 रविवार यह क्रिया करें, निश्चित लाभ होगा.

नोट – ये समान्य उपाय है जो कोई भी कर सकता है बाकी आपकी कुंडली में ग्रह की स्थिति और उनकी युति बिमारी पर मुख्य प्रभाव डालती है और उन्ही के हिसाब से उपाय किये जाते है।

5 Mukhi Beads Rudraksha Mala

The post घर से बिमारी दूर करने के उपाय appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/home-remedies/feed/ 0
श्री हनुमत प्रश्नावली यंत्र से जाने अपनी समस्याओं का समाधान https://www.astrologyofmylife.com/shri-hanuman/ https://www.astrologyofmylife.com/shri-hanuman/#respond Sat, 31 Mar 2018 06:34:59 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=1876 श्री हनुमत प्रश्नावली यंत्र से जाने अपनी समस्याओं का समाधान हमारे हिन्दू धर्म ग्रंथो में कई तरह के यंत्र(चक्र)के बारे में बताया गया हैं जिनकी सहायता से हम अपने मन में उठ रहे सवाल, हमारे जीवन में आने वाली कठिनाइयों आदि का समाधान पा सकते है। हम अब तक आपको श्रीगणेश प्रश्नावली यंत्र और नवदुर्गा …
Continue reading श्री हनुमत प्रश्नावली यंत्र से जाने अपनी समस्याओं का समाधान

The post श्री हनुमत प्रश्नावली यंत्र से जाने अपनी समस्याओं का समाधान appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
श्री हनुमत प्रश्नावली यंत्र से जाने अपनी समस्याओं का समाधान

हमारे हिन्दू धर्म ग्रंथो में कई तरह के यंत्र(चक्र)के बारे में बताया गया हैं जिनकी सहायता से हम अपने मन में उठ रहे सवाल, हमारे जीवन में आने वाली कठिनाइयों आदि का समाधान पा सकते है। हम अब तक आपको श्रीगणेश प्रश्नावली यंत्र और नवदुर्गा प्रश्नावली चक्र के बारे में बता चुके है आज हम आपको बताएँगे हनुमान प्रश्नावली चक्र के बारे में।

Online Astrologer – Acharya Dr MSD Arya

प्रयोग विधि

जिसे भी अपने प्रश्नों का उत्तर चाहिए वे स्नान आदि कर साफ वस्त्र धारण करे और पांच बार ऊँ रां रामाय नम:मंत्र का जप करने के बाद 11 बार ऊँ हनुमते नम:मंत्र का जप करे। इसके बाद आंखें बंद हनुमानजी का स्मरण करते हुए प्रश्नावली चक्र पर कर्सर घुमाते हुए रोक दें। जिस कोष्ठक(खाने) पर कर्सर रुके, उस कोष्ठक में लिखे अंक को देखकर अपने प्रश्न का उत्तर देखें। कोष्ठकों के अंकों के अनुसार फलादेश

1- आपका कार्य शीघ्र पूरा होगा।

2- आपके कार्य में समय लेगगा। मंगलवार का व्रत करें।

3- प्रतिदिन हनुमान चालीसा का पाठ करें तो कार्य शीघ्र पूरा होगा।

Gemstone Suggestion

4- कार्य पूर्ण नहीं होगा।

5- कार्य शीघ्र होगा, किंतु अन्य व्यक्ति की सहायता लेनी पड़ेगी।

6- कोई व्यक्ति आपके कार्यों में रोड़े अटका रहा है, बजरंग बाण का पाठ करें।

7- आपके कार्य में किसी स्त्री की सहायता अपेक्षित है।

8- आपका कार्य नहीं होगा, कोई अन्य कार्य करें।

Varshphal Report

9- कार्यसिद्धि के लिए यात्रा करनी पड़ेगी।

10- मंगलवार का व्रत रखें और हनुमानजी को चोला चढ़ाएं, तो मनोकामना पूर्ण होगी।

11- आपकी मनोकामना शीघ्र पूरी होगी। सुंदरकांड का पाठ करें।

12- आपके शत्रु बहुत हैं। कार्य नहीं होने देंगे।

13- पीपल के वृक्ष की पूजा करें। एक माह बाद कार्य सिद्ध होगा।

Career Report : One Year

14- आपको शीघ्र लाभ होने वाला है। मंगलवार को गाय को गुड़-चना खिलाएं।

15- शरीर स्वस्थ रहेगा, चिंताएं दूर होंगी।

16- परिवार में वृद्धि होगी। माता-पिता की सेवा करें और रामचरितमानस के बालकाण्ड का पाठ करें।

17- कुछ दिन चिंता रहेगी। ऊँ हनुमते नम: मंत्र की प्रतिदिन एक माला का जप करें।

18- हनुमानजी के पूजन एवं दर्शन से मनोकामना पूर्ण होगी।

19- आपको व्यवसाय द्वारा लाभ होगा। दक्षिण दिशा में व्यापारिक संबंध बढ़ाएं।

Shubh Muhurat

20- ऋण से छुटकारा, धन की प्राप्ति तथा सुख की उपलब्धि शीघ्र होने वाली है। हनुमान चालीसा का पाठ करें।

21- श्रीरामचंद्रजी की कृपा से धन मिलेगा। श्रीसीताराम के नाम की पांच माला रोज करें।

22- अभी कठिनाइयों का सामाना करना पड़ेगा पर अंत में विजय आपकी होगी।

23- आपके दिन ठीक नहीं है। रोजाना हनुमानजी का पूजन करें। मंगलवार को चोला चढ़ाएं। संकटों से मुक्ति मिलेगी।

24- आपके घर वाले ही विरोध में हैं। उन्हें अनुकूल बनाने के लिए पूर्णिमा का व्रत करें।

25- आपको शीघ्र शुभ समाचार मिलेगा।

26- हर काम सोच-समझकर करें।

Life Prediction

27- स्त्री पक्ष से आपको लाभ होगा। दुर्गासप्तशती का पाठ करें।

28- अभी कुछ महीनों तक परेशानी है।

29- अभी आपके कार्य की सिद्धि में विलंब है।

30- आपके मित्र ही आपको धोखा देंगे। सोमवार का व्रत करें।

31- संतान का सुख प्राप्त होगा। शिव की आराधना करें व शिवमहिम्नस्तोत्र का पाठ करें।

32- आपके दुश्मन आपको परेशान कर रहे हैं। रोज पार्थिव शिवलिंग का पूजन कर शिव ताण्डवस्तोत्र का पाठ करें। सोमवार को ब्राह्मण को भोजन कराएं।

Get Appointment

33- कोई स्त्री आपको धोखा देना चाहती है, सावधान रहें।

34- आपके भाई-बंधु विरोध कर रहे हैं। गुरुवार को व्रत रखें।

35- नौकरी से आपको लाभ होगा। पदोन्नति संभव है, पूर्णिमा को व्रत रख कथा कराएं।

36- आपके लिए यात्रा शुभदायक रहेगी। आपके अच्छे दिन आ गए हैं।

37- पुत्र आपकी चिंता का कारण बनेगा। रोज राम नाम की पांच माला का जप करें।

38- आपको अभी कुछ दिन और परेशानी रहेगी। यथाशक्ति दान-पुण्य और कीर्तन करें।

39- आपको राजकार्य और मुकद्मे में सफलता मिलेगी। श्रीसीताराम का पूजन करने से लाभ मिलेगा।

Horoscope PDF Format Computerized

40- अतिशीघ्र आपको यश प्राप्त होगा। हनुमानजी की उपासना करें और रामनाम का जप करें।

41- आपकी मनोकामना पूर्ण होगी।

42- समय अभी अच्छा नहीं है।

43- आपको आर्थिक कष्ट का सामना करना पड़ेगा।

44- आपको धन की प्राप्ति होगी।

45- दाम्पत्य सुख मिलेगा।

Horoscope

46- संतान सुख की प्राप्ति होने वाली है।

47- अभी दुर्भाग्य समाप्त नहीं हुआ है। विदेश यात्रा से अवश्य लाभ होगा।

48- आपका अच्छा समय आने वाला है। सामाजिक और व्यवसायिक क्षेत्र में लाभ मिलेगा।

49- आपका समय बहुत अच्छा आ रहा है। आपकी प्रत्येक मनोकामना पूर्ण होगी।

Prashna Kundli by Acharya Arya

The post श्री हनुमत प्रश्नावली यंत्र से जाने अपनी समस्याओं का समाधान appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/shri-hanuman/feed/ 0
समझ लें अब चमक सकती है किस्मत https://www.astrologyofmylife.com/do-for-luck/ https://www.astrologyofmylife.com/do-for-luck/#respond Mon, 26 Mar 2018 05:42:44 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=1844 वास्तु के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा पूर्व या उत्तर दिशा में हो तो शुभ रहता है। यदि आपके घर का दरवाजा ऐसा नहीं है तो मुख्य द्वार पर सोने, चांदी, तांबे या पंच धातु से बना हुआ स्वास्तिक लगाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा खत्म होगी और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी। Vastu Check by Scientifically 1.घर के …
Continue reading समझ लें अब चमक सकती है किस्मत

The post समझ लें अब चमक सकती है किस्मत appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
वास्तु के अनुसार घर का मुख्य दरवाजा पूर्व या उत्तर दिशा में हो तो शुभ रहता है। यदि आपके घर का दरवाजा ऐसा नहीं है तो मुख्य द्वार पर सोने, चांदी, तांबे या पंच धातु से बना हुआ स्वास्तिक लगाएं। इससे नकारात्मक ऊर्जा खत्म होगी और सकारात्मक ऊर्जा बढ़ेगी।

Vastu Check by Scientifically

1.घर के मुख्य दरवाजे के बाहर तुलसी रखें। रोज सुबह तुलसी में जल चढ़ाएं। शाम को दीपक जलाएं।
2. पूर्व या उत्तर दिशा में तुलसी लगाने से परिवार में आत्मविश्वास बढ़ता है।
3. ऐसा माना जाता है कि छत पर तुलसी रखने से घर पर बिजली गिरने का भय नहीं रहता है।
4. वास्तु दोषों से बचने के लिए घर में तुलसी लगाएं और उसकी देखभाल करें।
5. यदि किसी जरूरतमंद व्यक्ति को या किसी ब्राह्मण को दान करना हो तो घर से बाहर आकर ही दान करना चाहिए।
6. चलते समय कभी भी पैर घसीटकर नहीं चलना चाहिए।

Vastu Shastra

7. हमेशा अपने पैन से ही हस्ताक्षर करना चाहिए।

Signature Design

8. घर में फालतू सामान, टूटे-फूटे फर्नीचर, कबाड़, बिजली का बेकार सामान न रखें। अन्यथा घर की शांति दूर हो सकती है।
9. तिजोरी का मुंह उत्तर या पूर्व दिशा में होगा तो बहुत शुभ रहता है।
10.तिजोरी के दरवाजे पर कमल के आसन पर बैठी हुई महालक्ष्मी का फोटो लगाएं।

Get Appointment

11.रोज शाम को कुछ देर के लिए पूरे घर में रोशनी करनी चाहिए।
12.रोज घर के हर एक कोने की भी अच्छी तरह सफाई करनी चाहिए। इससे नकारात्मक ऊर्जा खत्म हो जाती है।

Gemstone Suggestion

13.घर में सुख-शांति दिखाने वाले सुंदर फोटो लगाने चाहिए। कोई लड़ाई या नकारात्मक संदेश देने वाले फोटो लगाने से बचना चाहिए।
14.घर की दीवारों में दरारें पड़ रही हों तो उन्हें जल्दी से जल्दी ठीक करवा लेना चाहिए। दरारें वास्तु दोषों को बढ़ाती हैं।

जय महाकाल

Life Prediction

The post समझ लें अब चमक सकती है किस्मत appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/do-for-luck/feed/ 0
कैसे बना शिव तांडव स्तोत्र् https://www.astrologyofmylife.com/shiv-tandav-stotra/ https://www.astrologyofmylife.com/shiv-tandav-stotra/#respond Sat, 24 Mar 2018 07:51:04 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=1820 कैसे बना शिव तांडव स्तोत्र् कुबेर व रावण दोनों ऋषि विश्रवा की संतान थे और दोनों सौतेले भाई थे। ऋषि विश्रवा ने सोने की लंका का राज्य कुबेर को दिया था लेकिन किसी कारणवश अपने पिता के कहने पर वे लंका का त्याग कर हिमाचल चले गए… कुबेर के चले जाने के बाद इससे दशानन …
Continue reading कैसे बना शिव तांडव स्तोत्र्

The post कैसे बना शिव तांडव स्तोत्र् appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
कैसे बना शिव तांडव स्तोत्र्

कुबेर व रावण दोनों ऋषि विश्रवा की संतान थे और दोनों सौतेले भाई थे। ऋषि विश्रवा ने सोने की लंका का राज्य कुबेर को दिया था लेकिन किसी कारणवश अपने पिता के कहने पर वे लंका का त्याग कर हिमाचल चले गए…
कुबेर के चले जाने के बाद इससे दशानन बहुत प्रसन्न हुआ। वह लंका का राजा बन गया और लंका का राज्य प्राप्त करते ही धीरे-धीरे वह इतना अहंकारी होगया कि उसने साधुजनों पर अनेक प्रकार के अत्याचार करने शुरू कर दिए….
जब दशानन के इन अत्याचारों की ख़बर कुबेर को लगी तो उन्होंने अपने भाई को समझाने के लिए एक दूत भेजा, जिसने कुबेर के कहे अनुसार दशानन को सत्य पथ पर चलने की सलाह दी। कुबेर की सलाह सुन दशानन को इतना क्रोध आया कि उसने उस दूत को बंदी बना लिया व क्रोध के मारे तुरन्त अपनी तलवार से उसकी हत्या कर दी…

Get Appointment

कुबरे की सलाह से दशानन इतना क्रोधित हुआ कि दूत की हत्या के साथ ही अपनी सेना लेकर कुबेर की नगरी अलकापुरी को जीतने निकल पड़ा और कुबेर की नगरी को तहस-नहस करने के बाद अपने भाई कुबेर पर गदा का प्रहार कर उसे भी घायल कर दिया लेकिन कुबेर के सेनापतियों ने किसी तरह से कुबेर को नंदनवन पहुँचा दिया जहाँ वैद्यों ने उसका इलाज कर उसे ठीक किया।
चूंकि दशानन ने कुबेर की नगरी व उसके पुष्पक विमान पर भी अपना अधिकार कर लिया था, सो एक दिन पुष्पक विमान में सवार होकर शारवन की तरफ चल पड़ा। लेकिन एक पर्वत के पास से गुजरते हुए उसके पुष्पक विमान की गति स्वयं ही धीमी हो गई।
चूंकि पुष्पक विमान की ये विशेषता थी कि वह चालक की इच्छानुसार चलता था तथा उसकी गति मन की गति से भी तेज थी, इसलिए जब पुष्पक विमान की गति मंद हो गर्इ तो दशानन को बडा आश्चर्य हुआ। तभी उसकी दृष्टि सामने खडे विशाल और काले शरीर वाले नंदीश्वर पर पडी। नंदीश्वर ने दशानन को चेताया कि-
यहाँ भगवान शंकर क्रीड़ा में मग्न हैं इसलिए तुम लौट जाओ….

Horoscope


लेकिन दशानन कुबेर पर विजय पाकर इतना दंभी हो गया था कि वह किसी कि सुनने तक को तैयार नहीं था। उसे उसने कहा कि-
कौन है ये शंकर और किस अधिकार से वह यहाँ क्रीड़ा करता है? मैं उस पर्वत का नामो-निशान ही मिटा दूँगा, जिसने मेरे विमान की गति अवरूद्ध की है।
इतना कहते हुए उसने पर्वत की नींव पर हाथ लगाकर उसे उठाना चाहा। अचानक इस विघ्न से शंकर भगवान विचलित हुए और वहीं बैठे-बैठे अपने पाँव के अंगूठे से उस पर्वत को दबा दिया ताकि वह स्थिर हो जाए। लेकिन भगवान शंकर के ऐसा करने से दशानन की बाँहें उस पर्वत के नीचे दब गई। फलस्वरूप क्रोध और जबरदस्त पीडा के कारण दशानन ने भीषण चीत्कार कर उठा, जिससे ऐसा लगने लगा कि मानो प्रलय हो जाएगा। तब दशानन के मंत्रियों ने उसे शिव स्तुति करने की सलाह दी ताकि उसका हाथ उस पर्वत से मुक्त हो सके।
दशानन ने बिना देरी किए हुए सामवेद में उल्लेखित शिव के सभी स्तोत्रों का गान करना शुरू कर दिया, जिससे प्रसन्न होकर भगवान शिव ने दशानन को क्षमा करते हुए उसकी बाँहों को मुक्त किया।

Career Report : One Year


दशानन द्वारा भगवान शिव की स्तुति के लिए किए जो स्त्रोत गाया गया था, वह दशानन ने भयंकर दर्द व क्रोध के कारण भीषण चीत्कार से गाया था और इसी भीषण चीत्कार को संस्कृत भाषा में राव: सुशरूण: कहा जाता है। इसलिए जब भगवान शिव, रावण की स्तुति से प्रसन्न हुए और उसके हाथों को पर्वत के नीचे से मुक्त किया, तो उसी प्रसन्नता में उन्होंने दशानन का नाम रावण यानी ‘भीषण चीत्कार करने पर विवश शत्रु’ रखा क्योंकि भगवान शिव ने रावण को भीषण चीत्कार करने पर विवश कर दिया था और तभी से दशानन काे रावण कहा जाने लगा।
शिव की स्तुति के लिए रचा गया वह सामवेद का वह स्त्रोत, जिसे रावण ने गाया था, को आज भी रावण-स्त्रोत व शिव तांडव स्त्रोत के नाम से जाना जाता है, जो कि निम्नानुसार है-

Vastu Check by Scientifically

शिव तांडव स्त्रोत


जटाटवीगलज्जल प्रवाहपावितस्थले
गलेऽवलम्ब्य लम्बितां भुजंगतुंगमालिकाम्।
डमड्डमड्डमड्डमनिनादवड्डमर्वयं
चकार चंडतांडवं तनोतु नः शिवः शिवम ॥1॥

Life Prediction


सघन जटामंडल रूप वन से प्रवाहित होकर श्री गंगाजी की धाराएँ जिन शिवजी के पवित्र कंठ प्रदेश को प्रक्षालित (धोती) करती हैं, और जिनके गले में लंबे-लंबे बड़े-बड़े सर्पों की मालाएँ लटक रही हैं तथा जो शिवजी डमरू को डम-डम बजाकर प्रचंड तांडव नृत्य करते हैं, वे शिवजी हमारा कल्याण करें।

Prashna Kundli by Acharya Arya


जटा कटा हसंभ्रम भ्रमन्निलिंपनिर्झरी ।
विलोलवी चिवल्लरी विराजमानमूर्धनि ।
धगद्धगद्ध गज्ज्वलल्ललाट पट्टपावके
किशोरचंद्रशेखरे रतिः प्रतिक्षणं ममं ॥2॥


अति अम्भीर कटाहरूप जटाओं में अतिवेग से विलासपूर्वक भ्रमण करती हुई देवनदी गंगाजी की चंचल लहरें जिन शिवजी के शीश पर लहरा रही हैं तथा जिनके मस्तक में अग्नि की प्रचंड ज्वालाएँ धधक कर प्रज्वलित हो रही हैं, ऐसे बाल चंद्रमा से विभूषित मस्तक वाले शिवजी में मेरा अनुराग (प्रेम) प्रतिक्षण बढ़ता रहे।

Married Life Report


धरा धरेंद्र नंदिनी विलास बंधुवंधुर-
स्फुरदृगंत संतति प्रमोद मानमानसे ।
कृपाकटा क्षधारणी निरुद्धदुर्धरापदि
कवचिद्विगम्बरे मनो विनोदमेतु वस्तुनि ॥3॥


पर्वतराजसुता के विलासमय रमणीय कटाक्षों से परम आनंदित चित्त वाले (माहेश्वर) तथा जिनकी कृपादृष्टि से भक्तों की बड़ी से बड़ी विपत्तियाँ दूर हो जाती हैं, ऐसे (दिशा ही हैं वस्त्र जिसके) दिगम्बर शिवजी की आराधना में मेरा चित्त कब आनंदित होगा।


जटा भुजं गपिंगल स्फुरत्फणामणिप्रभा-
कदंबकुंकुम द्रवप्रलिप्त दिग्वधूमुखे ।
मदांध सिंधु रस्फुरत्वगुत्तरीयमेदुरे
मनो विनोदद्भुतं बिंभर्तु भूतभर्तरि ॥4॥


जटाओं में लिपटे सर्प के फण के मणियों के प्रकाशमान पीले प्रभा-समूह रूप केसर कांति से दिशा बंधुओं के मुखमंडल को चमकाने वाले, मतवाले, गजासुर के चर्मरूप उपरने से विभूषित, प्राणियों की रक्षा करने वाले शिवजी में मेरा मन विनोद को प्राप्त हो।


सहस्र लोचन प्रभृत्य शेषलेखशेखर-
प्रसून धूलिधोरणी विधूसरांघ्रिपीठभूः ।
भुजंगराज मालया निबद्धजाटजूटकः
श्रिये चिराय जायतां चकोर बंधुशेखरः ॥5॥

Shubh Muhurat


इंद्रादि समस्त देवताओं के सिर से सुसज्जित पुष्पों की धूलिराशि से धूसरित पादपृष्ठ वाले सर्पराजों की मालाओं से विभूषित जटा वाले प्रभु हमें चिरकाल के लिए सम्पदा दें।
ललाट चत्वरज्वलद्धनंजयस्फुरिगभा-
निपीतपंचसायकं निमन्निलिंपनायम् ।
सुधा मयुख लेखया विराजमानशेखरं
महा कपालि संपदे शिरोजयालमस्तू नः ॥6॥


इंद्रादि देवताओं का गर्व नाश करते हुए जिन शिवजी ने अपने विशाल मस्तक की अग्नि ज्वाला से कामदेव को भस्म कर दिया, वे अमृत किरणों वाले चंद्रमा की कांति तथा गंगाजी से सुशोभित जटा वाले, तेज रूप नर मुंडधारी शिवजीहमको अक्षय सम्पत्ति दें।


कराल भाल पट्टिकाधगद्धगद्धगज्ज्वल-
द्धनंजया धरीकृतप्रचंडपंचसायके ।
धराधरेंद्र नंदिनी कुचाग्रचित्रपत्रक-
प्रकल्पनैकशिल्पिनि त्रिलोचने मतिर्मम ॥7॥

Horoscope PDF Format Computerized


जलती हुई अपने मस्तक की भयंकर ज्वाला से प्रचंड कामदेव को भस्म करने वाले तथा पर्वत राजसुता के स्तन के अग्रभाग पर विविध भांति की चित्रकारी करने में अति चतुर त्रिलोचन में मेरी प्रीति अटल हो।


नवीन मेघ मंडली निरुद्धदुर्धरस्फुर-
त्कुहु निशीथिनीतमः प्रबंधबंधुकंधरः ।
निलिम्पनिर्झरि धरस्तनोतु कृत्ति सिंधुरः
कलानिधानबंधुरः श्रियं जगंद्धुरंधरः ॥8॥


नवीन मेघों की घटाओं से परिपूर्ण अमावस्याओं की रात्रि के घने अंधकार की तरह अति गूढ़ कंठ वाले, देव नदी गंगा को धारण करने वाले, जगचर्म से सुशोभित, बालचंद्र की कलाओं के बोझ से विनम, जगत के बोझ को धारण करने वाले शिवजी हमको सब प्रकार की सम्पत्ति दें।


प्रफुल्ल नील पंकज प्रपंचकालिमच्छटा-
विडंबि कंठकंध रारुचि प्रबंधकंधरम्
स्मरच्छिदं पुरच्छिंद भवच्छिदं मखच्छिदं
गजच्छिदांधकच्छिदं तमंतकच्छिदं भजे ॥9॥

Online Astrologer – Acharya Dr MSD Arya


फूले हुए नीलकमल की फैली हुई सुंदर श्याम प्रभा से विभूषित कंठ की शोभा से उद्भासित कंधे वाले, कामदेव तथा त्रिपुरासुर के विनाशक, संसार के दुखों के काटने वाले, दक्षयज्ञविध्वंसक, गजासुरहंता, अंधकारसुरनाशक और मृत्यु के नष्ट करने वाले श्री शिवजी का मैं भजन करता हूँ।


अगर्वसर्वमंगला कलाकदम्बमंजरी-
रसप्रवाह माधुरी विजृंभणा मधुव्रतम् ।
स्मरांतकं पुरातकं भावंतकं मखांतकं
गजांतकांधकांतकं तमंतकांतकं भजे ॥10॥


कल्याणमय, नाश न होने वाली समस्त कलाओं की कलियों से बहते हुए रस की मधुरता का आस्वादन करने में भ्रमररूप, कामदेव को भस्म करने वाले, त्रिपुरासुर, विनाशक, संसार दुःखहारी, दक्षयज्ञविध्वंसक, गजासुर तथा अंधकासुर को मारनेवाले और यमराज के भी यमराज श्री शिवजी का मैं भजन करता हूँ।


जयत्वदभ्रविभ्रम भ्रमद्भुजंगमस्फुर-
द्धगद्धगद्वि निर्गमत्कराल भाल हव्यवाट्-
धिमिद्धिमिद्धिमि नन्मृदंगतुंगमंगल-
ध्वनिक्रमप्रवर्तित प्रचण्ड ताण्डवः शिवः ॥11॥


अत्यंत शीघ्र वेगपूर्वक भ्रमण करते हुए सर्पों के फुफकार छोड़ने से क्रमशः ललाट में बढ़ी हुई प्रचंड अग्नि वाले मृदंग की धिम-धिम मंगलकारी उधा ध्वनि के क्रमारोह से चंड तांडव नृत्य में लीन होने वाले शिवजी सब भाँति से सुशोभित हो रहे हैं।


दृषद्विचित्रतल्पयोर्भुजंग मौक्तिकमस्रजो-
र्गरिष्ठरत्नलोष्टयोः सुहृद्विपक्षपक्षयोः ।
तृणारविंदचक्षुषोः प्रजामहीमहेन्द्रयोः
समं प्रवर्तयन्मनः कदा सदाशिवं भजे ॥12॥

Matchmaking – Acharya Dr MSD Arya


कड़े पत्थर और कोमल विचित्र शय्या में सर्प और मोतियों की मालाओं में मिट्टी के टुकड़ों और बहुमूल्य रत्नों में, शत्रु और मित्र में, तिनके और कमललोचननियों में, प्रजा और महाराजाधिकराजाओं के समान दृष्टि रखते हुए कब मैं शिवजी का भजन करूँगा।


कदा निलिंपनिर्झरी निकुजकोटरे वसन्
विमुक्तदुर्मतिः सदा शिरःस्थमंजलिं वहन्।
विमुक्तलोललोचनो ललामभाललग्नकः
शिवेति मंत्रमुच्चरन्कदा सुखी भवाम्यहम्॥13॥


कब मैं श्री गंगाजी के कछारकुंज में निवास करता हुआ, निष्कपटी होकर सिर पर अंजलि धारण किए हुए चंचल नेत्रों वाली ललनाओं में परम सुंदरी पार्वतीजी के मस्तक में अंकित शिव मंत्र उच्चारण करते हुए परम सुख को प्राप्त करूँगा।


निलिम्प नाथनागरी कदम्ब मौलमल्लिका-
निगुम्फनिर्भक्षरन्म धूष्णिकामनोहरः ।
तनोतु नो मनोमुदं विनोदिनींमहनिशं
परिश्रय परं पदं तदंगजत्विषां चयः ॥14॥


देवांगनाओं के सिर में गूँथे पुष्पों की मालाओं के झड़ते हुए सुगंधमय पराग से मनोहर, परम शोभा के धाम महादेवजी के अंगों की सुंदरताएँ परमानंदयुक्त हमारेमन की प्रसन्नता को सर्वदा बढ़ाती रहें।


प्रचण्ड वाडवानल प्रभाशुभप्रचारणी
महाष्टसिद्धिकामिनी जनावहूत जल्पना ।
विमुक्त वाम लोचनो विवाहकालिकध्वनिः
शिवेति मन्त्रभूषगो जगज्जयाय जायताम् ॥15॥


प्रचंड बड़वानल की भाँति पापों को भस्म करने में स्त्री स्वरूपिणी अणिमादिक अष्ट महासिद्धियों तथा चंचल नेत्रों वाली देवकन्याओं से शिव विवाह समय में गान की गई मंगलध्वनि सब मंत्रों में परमश्रेष्ठ शिव मंत्र से पूरित, सांसारिक दुःखों को नष्ट कर विजय पाएँ।


इमं हि नित्यमेव मुक्तमुक्तमोत्तम स्तवं
पठन्स्मरन् ब्रुवन्नरो विशुद्धमेति संततम्।
हरे गुरौ सुभक्तिमाशु याति नांयथा गतिं
विमोहनं हि देहना तु शंकरस्य चिंतनम ॥16॥


इस परम उत्तम शिवतांडव श्लोक को नित्य प्रति मुक्तकंठ सेपढ़ने से या श्रवण करने से संतति वगैरह से पूर्ण हरि और गुरु मेंभक्ति बनी रहती है। जिसकी दूसरी गति नहीं होती शिव की ही शरण में रहता है।


पूजाऽवसानसमये दशवक्रत्रगीतं
यः शम्भूपूजनमिदं पठति प्रदोषे ।
तस्य स्थिरां रथगजेंद्रतुरंगयुक्तां
लक्ष्मी सदैव सुमुखीं प्रददाति शम्भुः ॥17॥

Career Report : One Year


शिव पूजा के अंत में इस रावणकृत शिव तांडव स्तोत्र का प्रदोष समय में गान करने से या पढ़ने से लक्ष्मी स्थिर रहती है। रथ गज-घोड़े से सर्वदा युक्त रहता है।
॥ इति श्री रावणकृतम् शिव तांडव स्तोत्रं संपूर्णम्॥


भगवान शिव की आराधना व उपासना के लिए रचे गए सभी अन्य स्तोत्रों में रावण रचित या रावण द्वारा गया गया शिवतांडव स्तोत्र भगवान शिव को अत्यधिक प्रिय है, ऐसी हिन्दु धर्म की मान्यता है और माना जाता है कि शिवतांडव स्तोत्र द्वारा भगवान शिव की स्तुति करने से व्यक्ति को कभी भी धन-सम्पति की कमी नहीं होती, साथ ही व्यक्ति को उत्कृष्ट व्यक्तित्व की प्राप्ति होती है। यानी व्यक्ति का चेहरा तेजस्वी बनता है तथा उसके आत्मविश्वास में भी वृद्धि होती है।
इस शिवतांडव स्तोत्र का प्रतिदिन पाठ करने से व्यक्ति को जिस किसी भी सिद्धि की महत्वकांक्षा होती है, भगवान शिव की कृपा से वह आसानी से पूर्ण हो जाती है। साथ ही ऐसा भी माना जाता है कि इस स्तोत्र के नियमित पाठ से वाणी सिद्धि की भी प्राप्ति होती है। यानी व्यक्ति जो भी कहता है, वह वैसा ही घटित होने लगता है। नृत्य, चित्रकला, लेखन, योग, ध्यान, समाधी आदि सिद्धियां भगवान शिव से ही सम्बंधित हैं, इसलिए शिवतांडव स्तोत्र का पाठ करने वाले को इन विषयों से सम्बंधित सफलता सहज ही प्राप्त होने लगती हैं।
इतना ही नहीं, शनि को काल माना जाता है जबकि शिव महाकाल हैं, अत: शनि से पीड़ित व्यक्ति को इसके पाठ से बहुत लाभ प्राप्त है। साथ ही जिन लोगों की जन्म-कुण्डली में सर्प योग, कालसर्प योग या पितृ दोष होता है, उन लोगों के लिए भी शिवतांडव स्तोत्र का पाठ करना काफी उपयोगी होता है क्योंकि हिन्दु धर्म में भगवान शिव को ही आयु, मृत्यु और सर्प का स्वामी माना गया है।

Signature Design

The post कैसे बना शिव तांडव स्तोत्र् appeared first on Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India.

]]>
https://www.astrologyofmylife.com/shiv-tandav-stotra/feed/ 0