coral Archives - Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India https://www.astrologyofmylife.com/tag/coral/ Best Astrologer and Vastu Consultant at Pitampura Delhi - Acharya Dr. MSD Arya, Astrologer, Numerologist, Vastu Consultant, Gems Suggestions, best vastu consultant, moksha mukti, Best Astrologer, Astrology, Lal Kitab, Numerology, Horoscope, Matchmaking Astrologer, Astro SHop, Acharya Arya, Astro Arya, Astro arjuna, BlackMagic, hindu Panchang, Rashifal, Love, vashikaran, Thantrik, Raghava Bhatt, Moksha Mukti Jyotish and vastu Sansthan Delhi INdia Wed, 21 Feb 2024 09:11:55 +0000 en-GB hourly 1 https://wordpress.org/?v=7.0.2 https://www.astrologyofmylife.com/wp-content/uploads/2024/02/cropped-Moksha-Mukti-logo-latest-32x32.png coral Archives - Best Astrologer at Delhi INDIA - Numerology and Palmistry Expert - Vastu Consultant - Horoscope, Kundli Milan, Varsha phal Report and Gems Suggestion by Acharya Dr MSD Arya - Astrology of My life - Moksha Mukti Jyotish and Vastu Sansthan Delhi India https://www.astrologyofmylife.com/tag/coral/ 32 32 Remedy for shadow donation – Acharya Arya https://www.astrologyofmylife.com/remedy-for-shadow-donation-acharya-arya/ https://www.astrologyofmylife.com/remedy-for-shadow-donation-acharya-arya/#respond Sat, 18 Jul 2020 11:35:00 +0000 https://www.astrologyofmylife.com/?p=17251 दैनिक जीवन की समस्या में छाया दान का उपाय ____________________________ अक्सर ऐसा होता है कि व्यक्ति का बिता हुआ काल अर्थात भुत काल अगर दर्दनाक रहा हो या निम्नतर रहा हो तो वह व्यक्ति के आने वाले भविष्य को भी ख़राब करता है और भविष्य बिगाड़ देता है। यदि आपका बीता हुआ कल आपका आज …
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दैनिक जीवन की समस्या में छाया दान का उपाय
____________________________

अक्सर ऐसा होता है कि व्यक्ति का बिता हुआ काल अर्थात भुत काल अगर दर्दनाक रहा हो या निम्नतर रहा हो तो वह व्यक्ति के आने वाले भविष्य को भी ख़राब करता है और भविष्य बिगाड़ देता है। यदि आपका बीता हुआ कल आपका आज भी बिगाड़ रहा हो और बीता हुआ कल यदि ठीक न हो तो निश्चित तोर पर यह आपके आनेवाले कल को भी बिगाड़ देगा। इससे बचने के लिए छाया दान करना चाहिये। जीवन में जब तरह तरह कि समस्या आपका भुतकाल बन गया हो तो छाया दान से मुक्ति मिलता है और आराम मिलता है।

नीचे हम सामाजिक एवं पारिवारिक जीवन की विभिन्न समस्या अनुसार छाया दान के विषय मे बता रहे है।

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1 . बीते हुए समय में पति पत्नी में भयंकर अनबन चल रही हो

अगर बीते समय में पति पत्नी के सम्बन्ध मधुर न रहा हो और उसके चलते आज वर्त्तमान समय में भी वो परछाई कि तरह आप का पीछा कर रहा हो तो ऐसे समय में आप छाया दान करे और छाया दान आप बृहस्पत्ति वार के दिन कांसे कि कटोरी में घी भर कर पति पत्नी अपना मुख देख कर कटोरी समेत मंदिर में दान दे आये इससे आप कि खटास भरे भुत काल से मुक्ति मिलेगा। और भविष्य मृदु और सुखमय रहेगा। यह प्रक्रिया कम से कम 3 बार (हफ्ते) दोहराए।

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2 . बीते हुए समय में भयावह दुर्घटना या एक्सीडेंट हुआ हो

अगर बीते समय में कोई भयंकर दुर्घटना हुई हो और उस खौफ से आप समय बीतने के बाद भी नहीं उबार पाये है। मन में हमेशा एक डर बना रहता है। आप कही भी जाते है तो आप के मन में उस दुर्घटना का भय बना रहता है तो आप छाया दान करे। आप एक मिटी के बर्तन में सरसो का तेल भर कर शनिवार के दिन अपनी छाया देख कर दान करे। इससे आप को लाभ होगा बीती हुई दर्दनाक स्मृति से छुटकारा मिलेगा। और भविष्य सुरक्षित रहेगा। यह प्रक्रिया कम से कम 2 बार (हफ्ते) दोहराए।

3 . बीते समय में व्यापर में हुए घाटे से आज भी डर लगता हो

कई बार ऐसा होता है कि बीते समय में व्यापारिक घाटा या बहुत बड़े नुकसान से आप बहुत मुश्किल से उबरे हो और आज स्थिति ठीक होने के बावजूद भी आप को यह डर सता रहा है कि दुबारा वैसा ही न हो जाये ,तो इससे बचने के लिए आप बुधवार के दिन एक पीतल कि कटोरी में घी भर कर उसमे अपनी छाया देख कर छाया पात्र समेत आप किसी ब्राह्मण को दान दे। इससे दुबारा कभी भी आप को व्यापार में घाटा नहीं होगा। और भविष्य में व्यापर भी फलता फूलता रहेगा। यह प्रक्रिया कम से कम 3 बार (हफ्ते) दोहराए।

4 . भुत काल कि कोई बड़ी बीमारी आज भी परछाई बन कर डरा रही हो

बीते समय में कई बार कोई लम्बी बीमारी के कारण व्यक्ति मानसिक तौर पर कमजोर हो जाता है। और व्यक्ति ठीक होने के बावजूद भी मानसिक तौर पर अपने भूत काल में ही घिरा रहता है और उससे उबर नहीं पाता। ऐसी स्थिति में व्यक्ति को शनिवार के दिन एक लोहे के पात्र में तिल का तेल भर कर अपनी मुख छाया देखकर उसका दान करे। इससे आप को इस स्मृति से मुक्ति मिलेगा और भविष्य में बीमार नहीं होंगे और स्वस्थ्य रहेंगे। यह प्रक्रिया कम से कम 5 बार (हफ्ते) दोहराए।

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5 लम्बे समय के बाद नौकरी मिली है लेकिन भुतकाल का डर कि फिर बेरोजगार न हो जाये

बहुत लम्बे समय की बेरोजगारी के बाद नौकरी मिलती है लेकिन मन में सदैव एक भय सताता है कि दोबारा नौकरी न चली जाये और ये सोच एक प्रेत कि तरह आपका पीछा करती है तो ऐसे स्थिति में आप सोमवार के दिन ताम्बे की एक कटोरी में शहद भर कर अपनी छाया देख कर दान करें ,इससे आप को लाभ मिलेगा। इस छाया दान से उन्नति बनी रहती है रोजगार बना रहता है। यह प्रक्रिया कम से कम 7 बार (हफ्ते) दोहराए।

6 .कुछ ऐसा काम कर चुके है जो गोपनीय है लेकिन उसके पश्चाताप से उबार नहीं पाये है

कई बार जीवन में ऐसी गलती आदमी कर देता है कि जो किसी को बता नहीं पता लेकिन मन ही मन हर पल घुटता रहता है और भविष्य में भी इस गलती से उबर नहीं पाता है तो ऐसी स्थिति में व्यक्ति को पीतल कि कटोरी में बादाम का तेल भरकर उसमे अपना मुख देख कर शुक्रवार के दिन छाया दान करना चाहिएय। इससे पश्चाताप कि अग्नि से मुक्ति मिलती है ,और कि हुई गलती के दोष से मुक्ति मिलती है। यह प्रक्रिया कम से कम 11 बार (हफ्ते) दोहराए।

Horoscope

 

7 . पहली शादी टूट गयी दूसरी शादी करने जा रहे है लेकिन मन में इसके भी टूटने का डर है

संयोग वश या किसी दुर्घटनावश व्यक्ति कि पहली शादी टूट गयी है और दूसरी शादी करने जा रहे है और मन में भय है कि जैसे पहले हुआ था वैसे दुबारा न हो जाये तो इसके लिए व्यक्ति को स्त्री हो या पुरुष उसको रविवार के दिन ताम्बे के पात्र में घी भरकर उसमे अपना मुख देख कर छाया दान करे। इससे भुत काल में हुई घटना या दुर्घटना का भय नहीं रहेगा। और भविष्य सुखमय रहेगा। यह प्रक्रिया कम से कम 5 बार (हफ्ते) दोहराए।

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Shraavana Special – 2020 https://www.astrologyofmylife.com/shraavana-special-month-2020-in-hindu-festival/ https://www.astrologyofmylife.com/shraavana-special-month-2020-in-hindu-festival/#respond Sat, 04 Jul 2020 10:13:42 +0000 https://www.astrologyofmylife.com/?p=17196 6 जुलाई से शुरू होगा सावन महीना, 25 को रहेगी नागपंचमी और 3 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन सोमवार, 6 जुलाई से सावन महीना शुरू हो रहा है। इस महीने में वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है। शिव पुराण के अनुसार ये शिवजी का प्रिय महीना है। जो कि 3 अगस्त तक रहेगा। इस दिन …
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6 जुलाई से शुरू होगा सावन महीना, 25 को रहेगी नागपंचमी और 3 अगस्त को मनाया जाएगा रक्षाबंधन

सोमवार, 6 जुलाई से सावन महीना शुरू हो रहा है। इस महीने में वर्षा ऋतु की शुरुआत होती है। शिव पुराण के अनुसार ये शिवजी का प्रिय महीना है। जो कि 3 अगस्त तक रहेगा। इस दिन पूर्णिमा रहेगी और रक्षा बंधन पर्व मनाया जाएगा। इस पूरे महीने में शिवजी की विशेष पूजा की जाती है। शिव पूजा के साथ ही इन दिनों में कई महत्वपूर्ण तीज-त्योहार भी रहते हैं। इनमें ज्यादातर व्रत भगवान शिव-पार्वती को समर्पित होते हैं। इस बार तिथि क्षय होने के कारण सावन महीना 29 दिन का रहेगा। इन दिनों में कई महत्वपूर्ण तीज-त्योहार मनाए जाएंगे।

भोले शंकर का महीना सावन के महीने की शुरुआत इस सोमवार से हो जाएगी। इस साल सावन के महीने कई विशेष योग लग रहे हैं। सावन का महीना 6 जुलाई को सोमवार यानी भोले शंकर के दिन से शुरू हो रहा है। इसके अलावा सावन के महीने की समाप्ति भी सोमवार के दिन से ही हो रही है। गुरु पूर्णिमा के साथ ही सावन शुरू हो जाएंगे। हिन्दु पंचांग के अनुसार पांचवां महीना श्रावण का होता है।

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इस दौरान भगवान शिव सृष्टी संभालेंगे। सावन के महीने में भगवान शिव और विष्णु की अराधना बहुत फलदाई मानी जाती है। पूरे श्रावण मास में 06, 13, 20,27 जुलाई और 03 अगस्त को है। ऐसा माना जाता है कि सोमवार के दिन भगवान शिव की पूजा करने से जीवन से सभी तरह की परेशानियों से छुटकारा मिलता है। इस महीने लोग अपनी पसंद की चीज का एक महीने के लिए त्याग करते हैं। सावन के महीने के आखिर में रक्षा बंधन का त्योहार मनाया जाता है।

Horoscope

 

  1. मंगलवार, 7 जुलाई को पहला मंगला गौरी व्रत किया जाएगा। सौभाग्य और समृद्धि पाने के लिए इस व्रत में सावन महीने के हर मंगलवार को देवी पार्वती की पूजा की जाती है। इस बार ये व्रत 7, 14, 21 और 28 जुलाई को किया जाएगा।
  2. बुधवार, 8 जुलाई को संकष्टी गणेश चतुर्थी रहेगी। इस बार बुधवार का संयोग होने से ये व्रत और भी खास रहेगा। इस व्रत से सुख और समृद्धि मिलती है।
  3. गुरुवार, 16 जुलाई को सावन महीने के कृष्णपक्ष की एकादशी है। इसे कामिका एकादशी कहा जाता है। इस दिन भगवान विष्णु के लिए व्रत-उपवास और पूजन करना चाहिए।
  4. शनिवार, 18 जुलाई को प्रदोष व्रत रहेगा। इस दिन शिवजी और माता पार्वती की विशेष पूजा करने की परंपरा है।
  5. सोमवार, 20 जुलाई को हरियाली अमावस्या है। इस तिथि पर पितर देवता के लिए धूप-ध्यान और श्राद्ध-तर्पण किया जाता है। इस बार सोमवार होने से इसका महत्व और भी बढ़ गया है। ये सोमवती अमावस्या भी है।
  6. गुरुवार, 23 जुलाई को हरियाली तीज है। इस तिथि पर दांपत्य सुख और अखंड सौभाग्य के लिए माता पार्वती की पूजा के साथ व्रत और उपवास किया जाता है।
  7. शुक्रवार, 24 जुलाई को विनायकी चतुर्थी है। इस दिन भगवान गणपति के लिए व्रत किया जाता है।
  8. शनिवार, 25 जुलाई को नाग पंचमी है। इस तिथि पर नाग देवता की विशेष पूजा की जाती है। इसके साथ पितरों की पूजा की भी परंपरा है।
  9. गुरुवार, 30 जुलाई को पुत्रदा एकादशी है। इस दिन संतान सुखा के लिए भगवान विष्णु की पूजा के साथ व्रत और उपवास किया जाता है।
  10. शनिवार, 1 अगस्त को प्रदोष व्रत रहेगा। ये आखिरर सावन सोमवार से पहले भगवान शिव की विशेष पूजा का दिन है। इस दिन व्रत करने से हर तरह के दोष खत्म हो जाते हैं।
  11. सोमवार, 3 अगस्त को सावन महीने का आाखिरी दिन रहेगा। इस दिन पूर्णिमा तिथि और श्रवण नक्षत्र के संयोग में रक्षाबंधन पर्व मनाया जाएगा।

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चंद्र ग्रहण 16 जुलाई 2019 https://www.astrologyofmylife.com/chandra-grahan-july-2019/ https://www.astrologyofmylife.com/chandra-grahan-july-2019/#respond Fri, 12 Jul 2019 15:14:43 +0000 http://www.astrologyofmylife.com/?p=5013 149 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, गुरु पूर्णिमा के दिन पड़ेगा चंद्र ग्रहण …. इस बार साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 16 जुलाई को लगने वाला है. ये चंद्र ग्रहण कई मायनों में खास है. इस बार यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देने वाला है. http://www.astrologyofmylife.com/shop/astro-report/nadi-astrology-with-birth-chart/ इसके अलावा यह ग्रहण आषाढ़ मास …
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149 साल बाद बन रहा दुर्लभ संयोग, गुरु पूर्णिमा के दिन पड़ेगा चंद्र ग्रहण …. इस बार साल का दूसरा चंद्र ग्रहण 16 जुलाई को लगने वाला है. ये चंद्र ग्रहण कई मायनों में खास है. इस बार यह चंद्र ग्रहण भारत में भी दिखाई देने वाला है.

http://www.astrologyofmylife.com/shop/astro-report/nadi-astrology-with-birth-chart/

इसके अलावा यह ग्रहण आषाढ़ मास की पूर्णिमा यानी गुरु पूर्णिमा के दिन पड़ रहा है. ज्योतिषों की मानें तो ऐसा संयोग 149 साल बाद बन रहा है. चंद्र ग्रहण का समय … चंद्र ग्रहण 16 जुलाई की मध्यरात्रि में खंडग्रास रात 1 बज कर 32 मिनट से शुरू होकर सुबह 4 बज कर 31 मिनट तक रहेगा. बात अगर सूतक काल की करें तो यह 9 घंटे तक रहेगा.

http://www.astrologyofmylife.com/shop/astro-report/life-prediction/

जो कि 16 जुलाई की शाम 4 बज कर 31 मिनट से शुरू होगा. 149 साल पहले गुरु पूर्णिमा पर लगा था चंद्र ग्रहण .. 12 जुलाई, 1870 को 149 साल पहले गुरु पूर्णिमा पर चंद्र ग्रहण हुआ था. उस समय भी शनि, केतु और चंद्र के साथ धनु राशि में स्थित था. सूर्य, राहु के साथ मिथुन राशि में स्थित था. यहां दिखेगा चंद्र ग्रहण .. चंद्र ग्रहण पूरे भारत के साथ ऑस्ट्रेलिया, अफ्रीका, एशिया, यूरोप और दक्षिण अमेरिका में दिखाई देगा. चंद्रग्रहण के बाद जरूर करें ये काम .. –

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चंद्रग्रहण खत्म होने के बाद घर में शुद्धता बनाए रखने के लिए गंगाजल का छिड़काव जरूर करें. -ग्रहण के बाद स्नान करके भगवान की मूर्तियों को भी स्नान करवाकर ही उनकी पूजा करें. -ग्रहण काल के दौरान गर्भवती महिलाएं घर से बाहर नहीं निकलें. निकलना अगर जरूरी हो तो गर्भ में पल रहे शिशु की रक्षा के लिए चंदन और तुलसी के पत्तों का लेप अवश्य लगाकर निकलें. और भी बहुत कुछ होने वाला है इस ग्रहण में यदि आप अपने बारे में कुछ जानना चाहते हैं कुछ प्राप्त करना चाहते हैं इस ग्रहण में तो संपर्क करें …

और अधिक जानकारी समाधान उपाय विधि प्रयोग के लिए संपर्क करें …

ज्योतिष आचार्य

H-6/106, 1st Floor, Aggarwal Tower, Netaji Subhash Place, Delhi 110034

Contact No. +91 99999 54145

email : astro@astrologyofmylife.com

web : www.astrologyofmylife.com

सूतक से पूर्व


ग्रहण के सूतक से पूर्व गंगाजल पियें ।
सूर्यग्रहण में ग्रहण से चार प्रहर (12 घंटे) पूर्व और चन्द्रग्रहण से तीन प्रहर (9 घंटे) पूर्व भोजन नहीं करना चाहिए । बूढ़े, बालक, रोगी और गर्भवती महिलाएँ डेढ़ प्रहर ( साढ़े चार घंटे) पूर्व तक खा सकते हैं ।
ग्रहण के कुप्रभाव से खाने-पीने की वस्तुएँ दूषित न हों इसलिए सभी खाद्य पदार्थों एवं पीने के जल में तुलसी का पत्ता अथवा कुश डाल दें ।
पके हुए अन्न का त्याग करके उसे गाय या कुत्ते को डालकर ग्रहण के बाद नया भोजन बना लेना चाहिए । सम्भव हो तो ग्रहण के पश्चात् घर में रखा सारा पानी बदल दें ।

ग्रहण के समय पहने हुए एवं स्पर्श किए गए वस्त्र आदि अशुद्ध माने जाते हैं । अतः ग्रहण पूरा होते ही पहने हुए कपड़ों सहित स्नान कर लेना चाहिए ।

ग्रहण से पूर्व की सावधानी
ग्रहण से 30 मिनट पूर्व गंगाजल छिड़क के शुद्धिकरण कर लें ।
ग्रहणकाल प्रारम्भ होने के पूर्व घर के ईशान कोण में गाय के घी का चार बातीवाला दीपक प्रज्वलित करें एवं घर के हर कमरे में कपूर का धूप कर दें ।

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ग्रहण के दौरान सावधानी


ग्रहण के दौरान हँसी-मजाक, नाच-गाना, ठिठोली आदि न करें क्योंकि ग्रहणकाल उस देवता के लिए संकट का काल है, उस समय वह ग्रह पीड़ा में होते हैं । अतः उस समय भगवन्नाम-जप, कीर्तन, ओमकार का जप आदि करने से संबंधित ग्रहों एवं जापक दोनों के लिए हितावह है ।
भगवान वेदव्यासजी ने परम हितकारी वचन कहे हैं “सामान्य दिन से चन्द्रग्रहण में किया गया पुण्यकर्म (ध्यान, जप, दान आदि) एक लाख गुना और सूर्यग्रहण में दस लाख गुना फलदायी होता है । यदि गंगाजल पास में हो तो चन्द्रग्रहण में एक करोड़ गुना और सूर्यग्रहण में दस करोड़ गुना फलदाई होता है ।

ग्रहण के समय गुरुमंत्र, इष्टमंत्र अथवा भगवन्नाम जप अवश्य करें, न करने से मंत्र को मलिनता प्राप्त होती है । ग्रहणकाल में कुछ भी क्रिया न करते हुए केवल शांत चित्त से अपने गुरुमंत्र का जप करें एवं जिन्होंने गुरुमंत्र नहीं लिया है वे अपने इष्टदेव का मंत्र या भगवन्नाम का जप करें ।

चन्द्रग्रहण और सूर्यग्रहण के समय संयम रखकर जप, ध्यान करने से कई गुना फल होता है । श्रेष्ठ साधक उस समय उपवासपूर्वक ब्राह्मी घृत का स्पर्श करके ‘ॐ नमो नारायणाय’ मंत्र का आठ हजार जप करें । ग्रहणशुद्धि के बाद उस घृत को पी लें । ऐसा करने से वह मेधा (धारणशक्ति), कवित्वशक्ति तथा वाकसिद्धि प्राप्त कर लेता है ।
ग्रहण के स्पर्श के समय स्नान, मध्य के समय होम, देव पूजन तथा श्राद्ध तथा अंत में वस्त्रोंसहित स्नान करना चाहिए । स्त्रियाँ सिर धोये बिना भी स्नान कर सकती हैं ।
ग्रहण वेध के प्रारम्भ में तिल या कुश मिश्रित जल का उपयोग भी अत्यावश्यक परिस्थिति में ही करना चाहिए और ग्रहण शुरू होने से अंत तक अन्न या जल नहीं लेना चाहिए । सूर्यग्रहण या चन्द्रग्रहण के समय भोजन करनेवाला मनुष्य जितने अन्न के दाने खाता है, उतने वर्षों तक ‘अरुन्तुद’ नरक में वास करता है । (देवी भागवत)
ग्रहण के समय निद्रा लेने से रोगी, लघुशंका करने से दरिद्र, मल त्यागने से कीड़ा, स्त्री प्रसंग करने से सूअर और उबटन लगाने से व्यक्ति कोढ़ी होता है । गर्भवती महिला को ग्रहण के समय विशेष सावधान रहना चाहिए । ग्रहण के समय गायों को घास, पक्षियों को अन्न, जरुरतमंदो को वस्त्र दान से अनेक गुना पुण्य प्राप्त होता है ।
ग्रहण के दिन पत्ते, तिनके, लकड़ी और फूल नहीं तोड़ने चाहिए । बाल तथा वस्त्र नहीं निचोड़ने चाहिए व दंतधावन नहीं करना चाहिए । ग्रहण के समय ताला खोलना, सोना, मल-मूत्र का त्याग, मैथुन और भोजन ये सब कार्य वर्जित हैं ।
ग्रहण के समय कोई भी शुभ या नया कार्य शुरू नहीं करना चाहिए ।
ग्रहण के अवसर पर दूसरे का अन्न खाने से बारह वर्षों का किया हुआ सब पुण्य नष्ट हो जाता है । (स्कंद पुराण)
भूकम्प एवं ग्रहण के अवसर पर पृथ्वी को खोदना नहीं चाहिए । (देवी भागवत)
ग्रहण को देखने से आँखों पर बुरा प्रभाव पड़ता है ।

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ग्रहण के पश्चात् क्या करें ?


ग्रहणकाल में स्पर्श किए हुए वस्त्र आदि की शुद्धि हेतु बाद में उसे धो देना चाहिए तथा स्वयं भी पहने हुए वस्त्रसहित स्नान करना चाहिए ।
आसन, गोमुखी व मंदिर में बिछा हुआ कपड़ा भी धो दें । और दूषित ओरा के शुद्धिकरण हेतु गोमूत्र या गंगाजल का छिड़काव पूरे घर में कर सकें तो अच्छा है ।
ग्रहण के स्नान में कोई मंत्र नहीं बोलना चाहिए । ग्रहण के स्नान में गरम की अपेक्षा ठंडा जल, ठंडा जल में भी दूसरे के हाथ से निकले हुए जल की अपेक्षा अपने हाथ से निकला हुआ, निकले हुए की अपेक्षा जमींन में भरा हुआ, भरे हुए की अपेक्षा बहता हुआ (साधारण) बहते हुए की अपेक्षा सरोवर का, सरोवर की अपेक्षा नदी का, अन्य नदियों की अपेक्षा गंगा का और गंगा की अपेक्षा समुद्र का जल पवित्र माना जाता है ।
ग्रहण के बाद स्नान करके खाद्य वस्तुओं में डाले गये कुश एवं तुलसी को निकाल देना चाहिए ।

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सभी 12 राशियों पर ग्रहण का असर

मेष राशि
इस राशि के लिए ग्रहण के योग शुभ रहने वाला है। इन लोगों को सफलता के साथ ही मान-सम्मान की प्राप्ति होगी। धन लाभ मिलने की संभावनाएं हैं।

वृषभ राशि
आपके लिए समय कष्टदायी रहेगा। सावधान रहकर काम करना होगा, क्योंकि धन हानि हो सकती है।

मिथुन राशि
इनके लिए दुखद समय रहेगा। काम समय पर पूरे नहीं होंगे। बाधाएं आएंगी। धैर्य रखें।

कर्क राशि
कर्क राशि के लिए उत्तम समय रहेगा। काम जल्दी पूरे होंगे और आशा के अनुरूप फल भी मिलेंगे। सुखद वातावरण रहेगा।

सिंह राशि
तनाव बढ़ सकता है। बाधाओं की वजह से किसी काम में मन नहीं लगेगा। मन शांत रखें। कुछ दिन बाद समय पक्ष का हो जाएगा।

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कन्या राशि
चिंताएं बढ़ सकती हैं। नौकरी में अधिकारियों का सहयोग नहीं मिलने से मन उदास रहेगा। बने बनाए काम बिगड़ सकते हैं।

तुला राशि
लाभदायक समय रहेगा। सोचे हुए काम समय पर पूरे कर पाएंगे। अविवाहितों को विवाह के प्रस्ताव मिल सकते हैं।

वृश्चिक राशि
आपके लिए सावधान रहने का समय है। थोड़ी लापरवाही भी बड़ी हानि करवा सकती है।

धनु राशि
सतर्कता रखनी होगी। कोई करीबी व्यक्ति धोखा दे सकता है। नौकरी में नुकसान होने के योग बन रहे हैं।

मकर राशि
आपको इस समय संघर्ष करना होगा। पुरानी योजनाएं विफल हो सकती हैं। किसी अनजान व्यक्ति पर भरोसा न करें।

कुंभ राशि
इस राशि के लिए समय शुभ रहने वाला है। तरक्की मिल सकती है। कार्य समय पर पूरे हो जाएंगे और वर्चस्व बढ़ेगा।

मीन राशि
आपको लंबी दूरी की यात्रा पर जाना पड़ सकता है। इस यात्रा से लाभ मिलेगा। भविष्य को लेकर प्रसन्न रहेंगे।

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